सिवनी मालवा। वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद प्रतिनिधि एवं कांग्रेस नेता दीपक दीक्षित ने झुग्गी-झोपड़ी वासियों के विस्थापन और बेदखली के विरोध में शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मंगलवार को तहसीलदार शंकर सिंह रघुवंशी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर नहर किनारे बसे परिवारों को पट्टा आवंटित करने और उनकी झोपडिय़ां न हटाने की मांग की।
20 वर्षों से निवास, फिर भी बेदखली का डर
दीपक दीक्षित ने बताया कि नारायण कॉलोनी के पास नहर किनारे लगभग 40 परिवार पिछले 20-21 वर्षों से अस्थाई झोपडिय़ां बनाकर रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नहर विभाग द्वारा इन परिवारों पर झोपडिय़ां तोडऩे का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। दीक्षित ने कहा, भाजपा सरकार एक तरफ लाड़ली बहनों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं बहनों को बेघर करने की नौबत आ गई है।
घोषणा और वादों पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 31 दिसंबर 2020 से पूर्व काबिज परिवारों को पट्टा देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इन परिवारों को अधिकार नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य पूर्ण होने के बावजूद शासन मौन है।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
इन परिवारों को वर्तमान स्थान पर ही पट्टा दिया जाए, यदि तकनीकी कारणों से वहां पट्टा संभव न हो, तो शहरी क्षेत्र में अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पट्टा दिया जाए, यदि झुग्गियां तोड़ी तो कांग्रेस पार्टी झुग्गीवासियों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना और उग्र आंदोलन करेगी। ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुदेश शर्मा, हैरिसन स्वामी, आकाश गोल्डीदार, रोहित मसनेरीया सहित बड़ी संख्या में झुग्गी-झोपड़ी वासी और वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे।









