इटारसी। धार्मिक नगरी नर्मदापुरम को अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्माइल बेगरी स्कीमÓ से जोडऩे की कवायद तेज हो गई है। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा की मांग पर मध्यप्रदेश शासन ने भारत सरकार को औपचारिक पत्र लिखकर इस जिले को योजना में शामिल करने का अनुरोध किया है।
धार्मिक नगरी होने के कारण बढ़ी प्राथमिकता
मंत्रालय, भोपाल से 23 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नर्मदापुरम एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यहां मां नर्मदा के घाटों और मंदिरों की उपस्थिति के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिसके चलते भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों की संख्या भी अधिक है। विधायक डॉ. शर्मा ने इसी गंभीरता को देखते हुए 7 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिले के लिए इस विशेष योजना की मांग की थी।
क्या है स्माइल योजना और कैसे होगा लाभ?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नई दिल्ली भेजे गए इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही जिले में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे।
- सर्वे और पहचान : भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे किया जाएगा।
- पुनर्वास : ऐसे व्यक्तियों के लिए आश्रय स्थल और भोजन की व्यवस्था होगी।
- कौशल विकास : उन्हें केवल हटाया नहीं जाएगा, बल्कि प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा ताकि वे सम्मानजनक आजीविका कमा सकें।
- चिकित्सा एवं परामर्श : नशे या मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों की काउंसलिंग और उपचार कराया जाएगा।
विधायक का विजन : सेवा और अनुशासन का समन्वय
डॉ. सीतासरन शर्मा का मानना है कि नर्मदापुरम जैसे पवित्र शहर में भिक्षावृत्ति का उन्मूलन न केवल शहर की सुंदरता और अनुशासन को बढ़ाएगा, बल्कि असहाय लोगों को एक नया जीवन भी देगा। शासन के इस पत्र के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार जल्द ही नर्मदापुरम को इस योजना के 80+ शहरों की सूची में शामिल कर बजट आवंटित करेगी।
यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो नर्मदापुरम जिला प्रशासन को भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त संसाधन और फंड उपलब्ध होंगे, जिससे भिक्षा नहीं, शिक्षा और रोजगार के मंत्र को जमीन पर उतारा जा सकेगा।








