इटारसी। केंद्र की मोदी सरकार(Modi Sarkar) की नीतियों व अध्यादेश के विरोध में नगर कांग्रेस कमेटी(Municipal Congress Committee) इटारसी के नेतृत्व में किसान कांग्रेस इटारसी(Kisan Congress Itarsi), किसान कांग्रेस केसला(Kisan Congress kesla), युवा कांग्रेस(Youth Congress) द्वारा राष्ट्रपति के नाम इटारसी एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी(SDM Madan Singh Raghuvanshi) को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि जो बिल पारित किया गया है, उसे वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह किसानों के हित में नहीं है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर(Municipal Congress President Pankaj Rathore) ने कहा कि इस बिल के माध्यम से सरकार कारपोरेट जगत को आमंत्रित कर रही है, ताकि वह किसानों का शोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि बिल में सरकार ने मिनिमम सपोर्ट प्राइस(Minimum support price) की गारंटी भी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि मंडी एक्ट(Mandi Act) लागू होने से मंडियां बंद(Mandi Close) होने की कगार पर पहुंच जाएंगी। प्राइवेट मंडियां(Private Mandi) खुलेंगी जहां किसानों का शोषण होगा। यह किसानों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि बिल को वापस लिया जाना चाहिए और यदि संभव नहीं है तो उसमें एमएसपी(MSP) की गारंटी सहित अन्य से नए प्रावधान जोड़े जाने चाहिए जिससे किसानों को शोषण से मुक्ति की गारंटी मिल सके।
किसान नेता मोहन झलिया ने कहा कि मंडी एक्ट से केवल किसानों का नुकसान नहीं होगा, बल्कि मंडी में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी, मजदूर, तुलावटी, हम्माल भी बेकाम हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें न्यायालय जाने का प्रावधान भी हटा दिया गया है। केवल एसडीएम से शिकायत की जा सकती है। यहां अंबानी और अडानी जैसे बड़े कारपोरेट घरानों की बात सुनी जाएगी या 2 एकड़ के किसान की? उन्होंने कहा कि है पूर्णता किसान विरोधी है।
इस अवसर पर
नगर काँग्रेस अध्यक्ष् पंकज् राठौर, किसान नेता मोहन झालिया, सम्राट तिवारी, राकेश चंदेले, गुफरान अंसारी, अमोल उपाध्याय, शैलेन्द्र पाली, रामशंकर सोनकर, सोनू बकोरिया, राहुल दुबे, नवल पटेल, विक्रमादित्य तिवारी, यश दुबे, अखिलेश चुन्ना पटेल, आशीष पांडे, प्रह्लाद आठनेरे, ओमप्रकाश साकल्ले, जय जुनानिया, सोनू चौरे, शेख एजाज, रविशंकर चौरे, अशोक चौरे, किसान सुखजिंदर सिंह, कमल सलारिया, सर्वजीत सिंह, कुलविंदर सिंह सहित अनेक कांग्रेसजन व किसान साथी उपस्थित थे।









