इटारसी। महाराष्ट्र से काम की तलाश में निकली एक महिला, जो अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ अपनी सुधबुध खोकर देवलमंदिर पुरानी इटारसी के पास पहुंच गई थी, उसे इटारसी की ‘मुस्कान संस्था’ ने सहारा दिया है। स्थानीय निवासियों की सतर्कता और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों से यह संभव हो पाया। देवल मंदिर के पास महिला और उसके बच्चों को असहाय देखकर वहां के निवासियों ने तत्काल पार्षद शिवकिशोर रावत और गोल्डी चौधरी को सूचना दी।
पार्षद शिवकिशोर रावत ने तुरंत सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ठाकुर से संपर्क किया, जिन्होंने अपनी स्कूटी से महिला और बच्चों को मुस्कान संस्था तक पहुंचाया। मुस्कान संस्था के सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ठाकुर ने बताया कि महिला और उसके दोनों बच्चे फिलहाल संस्था के शक्ति सदन में सुरक्षित रहेंगे। कल उनका इनका मेडिकल चेकअप किया जाएगा, जिसके बाद उनकी परामर्श काउंसलिंग भी होगी। संस्था महिला के परिवार से संपर्क करने का प्रयास करेगी और उन्हें उनके परिजनों से मिलाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
यदि किसी कारणवश परिवार का पता नहीं चलता है, तो मुस्कान संस्था महिला के पालन-पोषण और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का पूरा जिम्मा उठाएगी। मनीष ठाकुर ने यह भी बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले इस साल में ऐसी लगभग 6 महिलाएं उनके संस्थान में आई हैं। उनमें से कुछ की याददाश्त कुछ महीनों बाद वापस आ गई, जिसके बाद उन्हें उनके परिवारों तक सकुशल पहुंचाया गया। मुस्कान संस्था इस तरह की विषम परिस्थितियों में फंसी महिलाओं और बच्चों के लिए आशा की किरण बनी हुई है।








