- कुछ दिन पूर्व पुरानी इटारसी में बच्चों के साथ मिली थी महिला
- मुस्कान संस्था ने परिजनों का पता निकालकर किया था संपर्क
- आज सुबह फिर लापता हो गयी, लेकिन तत्परता से पुन: मिली
इटारसी। कुछ दिन पूर्व पुरानी इटारसी में अपने दो बच्चों के साथ मिली महिला उत्तरप्रदेश की निवासी है, जो 16 जून को वहां से बिना परिजनों को बताए अपने बच्चों को लेकर निकली और इटारसी पहुंच गयी थी। महिला को मुस्कान संस्था के सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ठाकुर ने संस्था में लाकर रखा और उसके परिजनों की तलाश की। उत्तर प्रदेश के लालगंज जिले से 16 जून को लापता हुई महिला और उसके दो छोटे बच्चों को आज उनके परिवार से मिला दिया। इटारसी पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सजगता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने एक बिछड़े परिवार को फिर से एकजुट कर मानवीयता की मिसाल पेश की है।
यह मामला तब सामने आया जब उत्तर प्रदेश के लालगंज से निकली महिला अपने पांच वर्षीय बेटे अविनाश और तीन वर्षीय गौरव के साथ घूमते हुए इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंच गई। ज्योति के पिता संजय सरोज और पति लव कुश कुमार सरोज को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि ज्योति ने अचानक घर क्यों छोड़ दिया। पुरानी इटारसी के पार्षद शिवकिशोर रावत की नजर इन पर पड़ी और उन्होंने तत्काल मुस्कान संस्था के संचालक मनीष ठाकुर से संपर्क किया। मुस्कान संस्था ने महिला और बच्चों को आश्रय दिया। शुरुआती तौर पर ज्योति की मानसिक स्थिति ठीक न होने से बातचीत करना मुश्किल था।
दो दिनों तक संस्था में रहने और काउंसलिंग के बाद, ज्योति ने केवल लालगंज और खंडवा जैसे कुछ शब्द ही बताए। इन आधी-अधूरी जानकारियों के आधार पर, मनीष ठाकुर ने गूगल का सहारा लिया और लालगंज पुलिस से संपर्क साधा, जिन्होंने ज्योति की गुमशुदगी की रिपोर्ट की पुष्टि की। लालगंज पुलिस के माध्यम से ज्योति के पिता और पति से संपर्क किया, जो आज इटारसी पहुंचे। उनके पहुंचने से ठीक पहले ज्योति मुस्कान संस्था से फिर अचानक चली गई। इटारसी पुलिस विभाग और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तुरंत मिलकर एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया। अथक प्रयासों के बाद, ज्योति को सोनासांवरी नाके के पास से ढूंढ लिया।
आज, इटारसी पुलिस विभाग के माध्यम से ज्योति को उसके पिता संजय सरोज और पति लव कुश कुमार सरोज को सौंप दिया है। इस पूरे अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ठाकुर और पुलिस थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
शक्ति केन्द्र का महत्वपूर्ण योगदान
अधीक्षक विशाखा अंजीकर ने बताया कि मुस्कान संस्था में स्थित महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित शक्ति केंद्र महिलाओं के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। यहां ऐसी महिलाओं को विधिक सहायता, पुनर्वास, रहने और भोजन की व्यवस्था प्रदान की जाती है। वर्तमान में इस केंद्र में 12 महिलाएं निवासरत हैं, जिन्हें स्वावलंबन बनाने के लिए रोजगार ट्रेनिंग से भी जोड़ा जाता है। यह घटना मुस्कान संस्था के महत्वपूर्ण मानवीय कार्यों को रेखांकित करती है।








