नर्मदापुरम। आस्था के महापर्व नर्मदा प्रकटोत्सव 25 जनवरी की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने प्रशासनिक अमले के साथ विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट सहित विभिन्न घाटों का सघन निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
जलमार्ग से किया घाटों का निरीक्षण
कलेक्टर ने जलमार्ग के माध्यम से सेठानी घाट, पर्यटन घाट, पोस्ट ऑफिस घाट, विवेकानंद घाट, गोंदरी घाट एवं सर्किट हाउस घाट का अवलोकन किया। उन्होंने मुख्य कार्यक्रम के लिए बनने वाले जलमंच और मुख्य अतिथि के आवागमन मार्ग का बारीकी से निरीक्षण कर होमगार्ड और नगर पालिका के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रकटोत्सव के दौरान उमडऩे वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रबंधन ऐसा हो कि श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान प्रमुख निर्देश दिए।
- भीड़ प्रबंधन : घाटों पर पर्याप्त जगह सुनिश्चित करने के लिए बेरीकेटिंग और मार्किंग समय पूर्व करने के निर्देश।
- सुरक्षा : साज-सज्जा और अन्य निर्माण कार्यों में पूर्ण सतर्कता बरतने की हिदायत।
- स्वास्थ्य सेवा : तिलक भवन में अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था करने के निर्देश।
- प्रसारण : कार्यक्रम को दूर तक बैठे श्रद्धालुओं को दिखाने लगाई जाने वाली स्क्रीन्स की टेस्टिंग पहले ही करने को कहा।
प्रशासनिक टीम रही मौजूद
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, एडीएम राजीव रंजन पांडे, एडिशनल एसपी अभिषेक राजन सहित सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सीएमओ को घाटों की विशेष साफ-सफाई और नगर पालिका को प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।









