इटारसी। क्षेत्र में जल प्रदूषण की पुनरावृत्ति को रोकने और नागरिकों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के संकल्प के साथ प्रशासन ने एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यशाला में संभाग के समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, उपयंत्री और संबंधित तकनीकी कर्मचारी शामिल हुए।
व्यावहारिक ज्ञान और परीक्षण विधियां
प्रशिक्षण के दौरान केवल किताबी जानकारी नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव पर जोर दिया। निकायों से आए इंजीनियरों और कर्मचारियों ने स्वयं अपने हाथों से जल परीक्षण की प्रक्रियाओं को संपन्न किया। कार्यशाला में मुख्य रूप से तीन स्तरों पर जानकारी दी गई।
- भौतिक परीक्षण : जल का रंग, गंध और पारदर्शिता की जांच।
- रासायनिक परीक्षण : जल में घुले रसायनों और पीएच स्तर की सटीक माप।
- जीवाणु परीक्षण : पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और संदूषण की पहचान।
वरिष्ठ अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यपालन यंत्री सचिन कडू एवं संयुक्त संचालक आरएस मंडलोई की उपस्थिति और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को परीक्षण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और विधियों की बारीकियों से अवगत कराया।
नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित कार्रवाई के निर्देश
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल सिखाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है। कार्यक्रम के अंत में सभी निकायों को सख्त निर्देश दिए गए कि जलापूर्ति प्रणाली की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जल गुणवत्ता परीक्षण को एक अनिवार्य दैनिक प्रक्रिया बनाया जाए, यदि किसी भी स्तर पर संदूषण की स्थिति पाई जाती है, तो बिना देरी किए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।








