इटारसी। करीब एक दशक से अधिक समय से शांत पड़ा नटराज कला केंद्र इटारसी में एक बार फिर सांस्कृतिक समागम का नया अध्याय लेकर आ रहा है। शहर की सांस्कृतिक धरोहर को नई दिशा देने के उद्देश्य से इस कला केंद्र का पुन: शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे इटारसी के बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता मनीष सिंह ठाकुर ने बताया कि इस पुनर्जीवित केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इटारसी में जन्मे और देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुके प्रसिद्ध कोरियोग्राफर भगवान सिंह ठाकुर गुड्डू भैया स्वयं हर हफ्ते दो दिन यहां उपस्थित रहेंगे। वे बच्चों और युवाओं को नृत्य व संगीत की बारीकियां सिखाएंगे और उन्हें मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए तैयार करेंगे।
एक वक्त पर, भगवान सिंह ठाकुर उर्फ गुड्डू भैया ने इटारसी के सैकड़ों बच्चों को नृत्य में पारंगत किया था। उस दौरान केंद्र के बैनर तले अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते थे, जिन्होंने शहर में कला के प्रति एक उत्साहजनक माहौल बनाया था। हालांकि, उनके भोपाल शिफ्ट हो जाने के बाद यह सिलसिला थम गया था, लेकिन अब यह एक नई ऊर्जा के साथ फिर से शुरू हो रहा है।
नवरात्रि के शुभ अवसर पर आरंभ हो रहे इस कला केंद्र में नृत्य एवं संगीत प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। यहां बच्चों को न केवल अपनी कला को निखारने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें मंच पर प्रदर्शन करने और अपना आत्मविश्वास बढ़ाने का भी भरपूर अवसर प्राप्त होगा।
यह माना जा रहा है कि नटराज कला केंद्र का यह पुन: प्रयास इटारसी शहर में कला और संस्कृति की एक नई लहर लेकर आएगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को उचित मंच और मार्गदर्शन मिल सकेगा। शहरवासी इस पहल को लेकर काफी उत्साहित हैं और इसे इटारसी के सांस्कृतिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।










