इटारसी। लगातार 11 दिन तक चली पूजा-अर्चना और आरती के बाद आज दशहरा पर्व के मौके पर नगर में स्थापित माता भगवती, भोलेनाथ, साईंबाबा और माता महाकाली की मूर्तियों के विसर्जन का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष नवरात्र उत्सव 11 दिनों का रहा, जिसके ग्यारहवें दिन उत्सव समितियों ने नम आंखों से माता की विदाई करना शुरू कर दिया है।
मेहरागांव में बनाया सुरक्षित विसर्जन कुंड
नगर पालिका परिषद इटारसी ने मूर्तियों के सुरक्षित और व्यवस्थित विसर्जन के लिए मेहरागांव की पहाड़ी नदी के किनारे विसर्जन कुंड का निर्माण किया है। इस कुंड को नलकूप के पानी से भरा गया है और इसमें नर्मदा नदी का जल भी मिलाया गया है।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
विसर्जन स्थल पर किसी भी प्रकार की अनहोनी को टालने के लिए कुंड को अधिक गहरा नहीं बनाया गया है। साथ ही, बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए नगर पालिका द्वारा क्रेन की व्यवस्था भी की गई है।
व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नगर पालिका ने पहुंच मार्ग, टेंट, उद्घोषणा के लिए लाउड स्पीकर और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं।
पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी है, ताकि विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। यह विसर्जन का सिलसिला आज दशहरा के दिन से शुरू हुआ है और कल भी जारी रहने की संभावना है, जिसमें विभिन्न समितियां और श्रद्धालु अपनी मूर्तियों को श्रद्धापूर्वक विसर्जित करेंगे।









