इटारसी। शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने और बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर छात्र-छात्राओं को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने बस संचालन का नया मास्टर प्लान तैयार किया है। अब बसों का मुख्य संचालन नए बस स्टैंड से ही होगा, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए पुराने बस स्टैंड को केवल पिक एंड ड्रॉप पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर अगले 7 दिनों के लिए शुरू की गई है।
क्या हैं नए नियम?
नया प्लान सख्त शर्तों के साथ लागू किया गया है, जिसके लिए बस ऑपरेटरों से बाकायदा शपथ पत्र लिए जा रहे हैं। बस के प्रवेश से लेकर निकास तक कुल 5 मिनट का समय मिलेगा। पुराने स्टैंड पर बस का इंजन बंद नहीं होगा और न ही ड्राइवर नीचे उतरेगा। बस स्टैंड पर हॉर्न बजाना और एजेंटों द्वारा सवारी के लिए आवाज लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई बस ऑपरेटर इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो शपथ पत्र के आधार पर उसका परमिट निरस्त कर दिया जाएगा।
भारी वाहनों की नो एंट्री
ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए भारी वाहनों ट्रक, डंपर, ट्राला का शहर में प्रवेश सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक वर्जित रहेगा। इस दौरान केवल स्कूल बसों को ही आवाजाही की छूट दी जाएगी।
सीसीटीवी से होगी निगरानी
पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसकी मॉनिटरिंग आरटीओ ऑफिस नर्मदापुरम और नगर पालिका इटारसी द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी। साथ ही, एसडीएम नीलेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि ऑटो चालकों द्वारा वसूले जा रहे अधिक किराए की शिकायतों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है…
हम श्रेय की नहीं, जनता की राजनीति करते हैं। 5 मिनट की इस व्यवस्था से जनता को राहत मिलेगी और सीसीटीवी से इसकी निगरानी होगी।
— डॉ. सीतासरन शर्मा, विधायक
कांग्रेस ने इस व्यवस्था के लिए संघर्ष किया है। प्रशासन का धन्यवाद कि उन्होंने जनता की परेशानी समझी। पुलिस को ऑटो चालकों की मनमानी पर लगाम कसनी चाहिए।
– शिवाकांत गुड्डन पांडेय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष
बस ऑपरेटर खुद लिखकर दे रहे हैं कि नियम तोडऩे पर उनका परमिट रद्द किया जाए। 7 दिन के ट्रायल के बाद इसे स्थाई करने पर निर्णय लेंगे।
– रिंकू शर्मा, आरटीओ










