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अब जीएनएम नहीं, बीएससी नर्सिंग कालेज खुलेगा

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– अस्पताल प्रबंधन ने भेजा स्वास्थ्य संचालनालय को पत्र
इटारसी। डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय चिकित्सालय (Dr. Shyama Prasad Mukherjee Government Hospital) में अब जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर (GNM Training Center) नहीं बल्कि नर्सिंग कालेज (Nursing College) खुलेगा। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया है, जिसके जवाब का इंतजार है। विगत चार सालों से बंद एएनएम सेंटर (ANM Center) की जगह सरकार भविष्य में यहां बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय शुरू करेगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन से यहां मौजूदा सुविधाओं एवं जरूरतों को लेकर पत्र मांगा था, जिसका जवाब भी भेजा है, अब सरकार से हरी झंडी मिलने का इतंजार है।

साल 2018 में हुआ बंद

चिकित्सा क्षेत्र में कॅरियर (Career) बनाने वाली शिक्षित छात्राओं को महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) का प्रशिक्षण देकर रोजगार का प्रशिक्षण देने वाला बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केंद्र पिछले चार सालों से बंद है। हर दो साल में यहां प्रशिक्षण लेकर निकलीं प्रदेश के कई जिलों की छात्राओं को निजी या सरकारी सेवा में जाने का अवसर मिल जाता था। एएनएम सेंटर को लेकर विभाग की बदलती नीतियों के चलते बंद कर दिया था।

विस में उठाया था मामला

छात्राओं के कैरियर से जुड़े इस मामले में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा (MLA Dr. Sitasaran Sharma) ने विधानसभा में मामला उठाकर स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी (Health Minister Prabhuram Choudhary) से वस्तु स्थिति से अवगत कराने को कहा था, जवाब में चौधरी ने कहा कि अब नई नीति के तहत जीएनएम खोलने की योजना नहीं है, भविष्य में इंडियन नर्सिंग कौंसिल (Indian Nursing Council) के निर्देशानुसार इसे बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय (B.Sc Nursing College) के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसलिए बंद हुआ सेंटर

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल परिसर में संचालित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में साल 2017-18 तक आक्सीलरी नर्स एंड मिडवायफरी (Auxiliary Nurse and Midwifery) यानी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की ट्रेनिंग दी जा रही थी। दो वर्षीय प्रशिक्षण में यहां से हर दो साल में पूरे प्रदेश से प्रशिक्षु छात्राएं प्रवेश लेकर प्रशिक्षण उपरांत नर्स बनती थीं, दो साल अस्पताल में इनकी सेवाएं ली जाती थीं। प्रशिक्षण के दौरान विभाग छात्राओं को यहां रहने, भोजन एवं अन्य सुविधाएं भी देता था, इस वजह से प्रदेश के कई जिलों से छात्राएं प्रवेश लेने आती थीं। एएनएम को जीएनएम बनाने के नाम पर इस केन्द्र को बंद कर दिया था। कोविड संक्रमण के दो साल में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। केन्द्र में विभाग का कोविड जांच केन्द्र संचालित हुआ, विभाग ने लगातार यहां जीएनएम के अलावा बीएससी नर्सिंग या पीएचडी नर्सिंग सेंटर खोलने की बात की, साल 2018 में सितंबर माह से प्रवेश शुरू होने थे, लेकिन कोविड आने के कारण केन्द्र का उन्नयन ही नहीं हो सका।

सुविधाएं भी जरूरी

सरकार की नई गाइडलाइन के तहत यदि भविष्य में यहां नर्सिंग महाविद्यालय बनता है, तो इस लिहाज से यहां बेड क्षमता, नए छात्रावास, उन्नयन कोर्स, प्रशिक्षकों की जरूरत पड़ेगी। सालों से यहां पदस्थ केंद्र में एक प्राचार्य के अलावा पांच ट्रेनर के पद भी मंजूर हैं, जो फिलहाल अन्य जगह सेवाएं दे रहे हैं। यहां काम करने के दौरान छात्राओं से सरकारी अस्पताल के वार्डों एवं स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों में भी सहयोग लिया जाता है, इससे मरीजों की देखभाल में काफी मदद मिलती है। एएनएम सेंटर बंद होने के बाद अब सिर्फ आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों से लगातार छात्राएं इस केन्द्र के चालू होने का इंतजार कर रही हैं, मजबूरी में कई छात्राएं निजी सेंटरों पर प्रवेश ले रही हैं, लेकिन गरीब तबके की छात्राओं को नर्सिंग महाविद्यालयों की मोटी फीस देना मुश्किल होता है। एएनएम का कोर्स आज भी मान्य है, लेकिन कौसिंल की नई नीति के तहत इसे चालू नहीं किया जा रहा है।

इनका कहना है…

इस मामले में हमने विधानसभा में प्रश्न उठाया था। स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के दौरे पर उन्हें मांगपत्र भी सौंपा था। संचालनालय से इस मामले की जानकारी लेकर एक बार फिर पता करेंगे कि केन्द्र कब तक शुरू किया जाएगा, यहां जो भी जरूरत होगी, वह मुहैया कराई जाएगी। आगामी सत्र से यह केन्द्र प्रारंभ कराया जाएगा।
डा. सीतासरन शर्मा, विधायक
अस्पताल में उन्नयन कोर्स के लिए पर्याप्त जगह और भवन की सुविधा उपलब्ध है, विधायक जी लगातार इस मामले में प्रयास कर रहे हैं, हम भी चाहते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए यह केन्द्र चालू हो जाए। नई नीति के तहत अब यहां बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय ही आएगा।
भरत वर्मा, सदस्य रोकस
स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी जानकारी के साथ पत्र मांगा था, वह भेजा गया है, अभी केन्द्र चालू होने के संबंध में आदेश नहीं आए हैं, इसकी प्रक्रिया जारी है।
डॉ. आरके चौधरी, अस्पताल अधीक्षक

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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