इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम शक्तिपुरा में एक दिवसीय दिवा शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य और नशामुक्त जीवन शैली के प्रति जागरूकता फैलाना था।
शिविर का शुभारंभ और स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. नीता राजपूत ने स्वयंसेवकों को सेवा के संकल्प के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वयंसेवकों ने ग्राम शक्तिपुरा पहुंचकर विद्यालय परिसर में सघन स्वच्छता अभियान चलाया और वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को साफ-सफाई का महत्व समझाते हुए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
नशा मुक्त समाज ही उन्नति का आधार
विद्यालय के प्रधानपाठक मनीष कौरव ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशे की बुराई से मुक्त करना और स्वच्छता बनाए रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा अगर युवा पीढ़ी नशा मुक्ति और स्वच्छता का बीड़ा उठा ले, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है। हमारा लक्ष्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि इन बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए लोगों को निरंतर प्रेरित करना होना चाहिए।
जन-जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक
शिविर के दौरान ग्राम में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें स्वयंसेवकों के साथ ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के बाद गांव के प्रमुख चौराहे पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इस नाटक के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को बेहद प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ स्वयंसेवक शिखा यादव, संजय काजले और प्रमोद यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. राधा आशीष पांडे कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस डॉ. सतीश ठाकरे कार्यक्रम सहायक, डॉ. प्रवीण कुशवाहा सहयोगी, अंकित कुमरे पूर्व छात्र सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और ग्रामीण जन उपस्थित थे।









