सिवनी मालवा। महाशिवरात्रि का पर्व केवल बड़ों की आस्था तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सिवनी मालवा में इस बार नन्हे-मुन्ने बच्चों में भी भक्ति का अनूठा रंग देखने को मिला। नगर की माताओं ने अपने छोटे बच्चों को भगवान भोलेनाथ का स्वरूप देकर श्रद्धा और भक्ति के साथ इस पर्व को मनाया।
4 माह के नन्हे शिव बने आकर्षण का केंद्र
इसी कड़ी में नगर की निवासी श्रीमती आयुषी हिमांशु राठी ने अपने मात्र 4 माह के पुत्र वियांशु राठी को भगवान भोलेनाथ के रूप में सजाकर महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया। बाघंबर, गले में सर्पमाला और मस्तक पर चंद्रमा धारण किए हुए नन्हे वियांशु की छवि देखते ही बन रही थी।
बचपन से भक्ति, भावी पीढ़ी को बनाएगी संस्कारी
इस अनूठी पहल पर आयुषी राठी ने बताया कि बच्चों को भगवान का स्वरूप देने का मुख्य उद्देश्य उन्हें बचपन से ही धर्म और आस्था से जोडऩा है। उनका मानना है कि यदि बच्चा बचपन से ही ईश्वर के प्रति श्रद्धा रखेगा, तो उसके संस्कार भी बचपन से ही अच्छे बनेंगे। बच्चों को बचपन से ही भक्ति का वातावरण देने से हमारी भावी पीढ़ी संस्कारी और चरित्रवान बनेगी। धर्म और संस्कृति के प्रति जुड़ाव बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होता है।
नगर में रहा भक्तिमय माहौल
नन्हे बच्चों के इस मनमोहक स्वरूप ने न केवल परिजनों को बल्कि पूरे नगरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। माताओं द्वारा की गई इस पहल की सराहना की जा रही है, क्योंकि यह आधुनिक दौर में बच्चों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोडऩे का एक सराहनीय प्रयास है।









