इटारसी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नर्मदापुरम जिले में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। 4000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पचमढ़ी के चौरागढ़ मंदिर से लेकर मां नर्मदा के तटों तक, लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे जिले में हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण शिवमय रहा।
कलेक्टर और एसपी ने स्वयं संभाली कमान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना और पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस थोटा ने स्वयं देर रात पचमढ़ी पहुंचकर महादेव मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने मंदिर पार्किंग, स्वास्थ्य केंद्रों और पेयजल व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को चाक-चौबंद रहने के निर्देश दिए। सोहागपुर और इटारसी के मेलों में भी अपर कलेक्टर और एसडीएम स्तर के अधिकारियों ने निरंतर मॉनिटरिंग की।
प्रमुख मंदिरों की अनूठी परंपराएं और आकर्षण
- पचमढ़ी महादेव मेला : विदर्भ महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु विशेष रूप से शिव जी को अपना बहनोई मानकर विशाल त्रिशूल भेंट करने पहुंचे। एक लाख से अधिक भक्तों ने दुर्गम रास्तों को पार कर चौरागढ़ और जटाशंकर में दर्शन किए।
- काले महादेव मंदिर नर्मदापुरम : उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर बाबा का विशेष श्रृंगार और पूजन किया गया। यहां की हल्दी के लेपन को मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष माना जाता है।
- तिलक सिंदूर इटारसी : विश्व का संभवत: यह एकमात्र ऐसा शिवलिंग है जहां जल के स्थान पर सिंदूर चढ़ाया जाता है। यहां सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए मेले की निगरानी की गई।
- सोहागपुर एवं शरद देव : सोहागपुर में खुदाई से प्राप्त हजारों वर्ष पुरानी प्राचीन शिव-पार्वती प्रतिमा और इटारसी के पास जंगल के बीच स्थित शरद देव मंदिर में भी हजारों भक्तों ने हाजिरी लगाई।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम
मेले के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ-साथ होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं। दुर्गम रास्तों पर बीमार होने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल पॉइंट्स और एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई। आरटीओ और खाद्य विभाग की टीमों ने भी वाहनों की चेकिंग और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सक्रियता दिखाई। जिला प्रशासन के सटीक समन्वय और श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा के चलते महाशिवरात्रि का यह महापर्व जिले भर में शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।









