- नारी शक्ति से ही संभव है विकसित भारत 2047 का संकल्प
इटारसी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आज आयोजन किया। ‘महिला सशक्तिकरण: नवीन आयाम एवं वर्तमान चुनौतियांÓ विषय पर केंद्रित इस आयोजन में विशेषज्ञों ने स्वरोजगार, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन, प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने वर्ष 2026 की थीम ‘गिव टू गेन’ की प्रासंगिकता समझाई। उन्होंने कहा, जब समाज महिलाओं को संसाधनों, समय की स्वतंत्रता और मार्गदर्शन में निवेश करता है, तो यह केवल सामाजिक सुधार नहीं बल्कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का आधार बनता है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारतÓ का लक्ष्य ‘महिला नेतृत्व वाले विकासÓ के बिना संभव नहीं है।
उन्होंने रूसी क्रांति से लेकर आधुनिक भारत की लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे डिजिटल विभाजन और अवैतनिक कार्यों के बोझ को कम कर लैंगिक समानता को वास्तविकता बनाया जा सकता है।
मुख्य वक्ता डॉ. रुचि अग्रवाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज की नींव रखती है। उन्होंने महिला स्वास्थ्य को सशक्तिकरण का प्राथमिक आयाम बताया।
डॉ. हर्षा शर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय ने जनगणना और सकल घरेलू उत्पाद में महिलाओं की आधी हिस्सेदारी पर जोर दिया। नर्मदापुरम से आए डॉ. राजदीप सिंह भदौरिया ने डिजिटल युग की चुनौतियों पर बात की। उन्होंने डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, डिजिटल अरेस्ट और पासवर्ड सुरक्षा जैसे विषयों पर छात्राओं को जागरूक किया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अर्चना शर्मा ने सुकन्या समृद्धि, मुद्रा और स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सारगर्भित जानकारी दी।
कार्यक्रम में जनभागीदारी अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन ने वर्तमान में हर क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती सफलता की सराहना की। संचालन शिखा चंद्रवंशी ने, तथा आभार प्रदर्शन अंग्रेजी विभाग की मौलीश्री बावरिया ने किया। इस अवसर पर डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. सुसन मनोहर, डॉ. पीके अग्रवाल सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।









