इटारसी। पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल द्वारा मानव तस्करी की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आरपीएफ भोपाल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि उप निरीक्षक अवधेश कुमार एवं आरक्षक कृष्ण कुमार ने गाड़ी संख्या 22538 में नर्मदापुरम से भोपाल तक गहन चेकिंग के दौरान स्लीपर कोच में एक बालक और दो बालिकाओं को यात्रियों से भीख मांगते हुए पाया। पूछताछ में बच्चों ने अपने नाम मानसी 15 वर्ष, अनुष्का 15 वर्ष और गणेसु (7 वर्ष), सभी निवासी नाला मोहल्ला, इटारसी, जिला होशंगाबाद (मध्यप्रदेश) बताया। बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता काम पर चले जाते हैं और वे अपना खर्च चलाने हेतु ट्रेनों में भीख मांगते हैं।
आरपीएफ टीम ने तत्परता से तीनों बच्चों को आरपीएफ पोस्ट भोपाल ले जाकर बाल कल्याण समिति सदस्य धनीराम पवार को मोबाइल पर सूचित किया। उनके निर्देशानुसार तीनों बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाल निकेतन भवन, हमीदिया रोड, भोपाल में सुपुर्द किया। भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार की कार्यवाहियों के माध्यम से मानव तस्करी एवं बाल शोषण के विरुद्ध जागरूकता और सतर्कता बनाए रखते हुए यात्रियों से भी अपील की जाती है कि यदि कहीं इस प्रकार की गतिविधि नजर आए तो तत्काल रेल सुरक्षा बल या रेलवे अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जा सके।








