इटारसी। रेडीमेड एवं कपड़ा एसोसिएशन (Readymade and Textile Association) ने सोमवार को एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी (SDM Madan Singh Raghuvanshi )को ज्ञापन सौंपा। व्यापारी कपड़ा कारोबार पर प्रस्तावित जीएसटी वृद्धि का विरोध कर रहे हैं। इसे 5 प्रतिशत यथावत रखने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को ज्ञापन भेजा गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मदास मिहानी, सचिव नरेश गगलानी ने जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2022 से कपड़ों पर लगाया जाने वाला जीएसटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इसकी कवायद जारी है। वर्तमान में रोटी, कपड़ा और मकान आम आदमी के लिए मूलभूत आवश्यकता है।
जब जीएसटी दरें बढ़ाई गईं तो इससे आम उपभोक्ताओं पर बोझ आएगा। पहले कपड़ों पर एक फीसद प्रवेश शुल्क था, जो जीएसटी आने पर 5 प्रतिशत कर दिया गया। राष्ट्रहित में देश भर के व्यापारियों ने मंजूर कर लिया, लेकिन अब 12 फीसद टैक्स लगाने की तैयारी है। इससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को परेशानी होगी। सरकार से देश भर के कपड़ा कारोबारी मांग करते हैं कि इस फैसले को खारिज किया जाएगा। इस अवसर पर ओम सोनी, मोहनलाल चेलानी, श्रीचंद खुरानी, जतिन गगलानी, गौरव फुलवानी एवं अन्य कपड़ा व्यवसायी मौजूद रहे। मिहानी ने बताया कि सरकार से राहत मिलने की उम्मीद है, यदि दरों में संसोधन नहीं किया गया तो संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा।









