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शोषण के विरुद्ध ‘हल्ला बोल’ इटारसी सहित प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी 12 को भोपाल में देंगे धरना

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इटारसी। मध्यप्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों और बैंक मित्रों के शोषण और लंबे समय से लंबित बकाया वेतन के विरोध में एक बड़े आंदोलन की तैयारी है। इटारसी से भी बड़ी संख्या में बैंक मित्र संगठन और आउटसोर्स कर्मचारी संगठन से जुड़े सदस्य अपनी मांगों को लेकर राजधानी कूच करेंगे।

मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन एवं आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने संयुक्त रूप से 12 अक्टूबर 2025 (रविवार) को भोपाल में हल्ला बोल आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन राज्य सरकार के समक्ष लाखों प्रभावित कर्मचारियों की आवाज बुलंद करने का एक ऐतिहासिक प्रयास होगा।

11 महीने का 350 करोड़ रुपए एरियर अटका

संगठनों का आरोप है कि प्रदेश में कार्यरत लगभग 12 से 15 लाख आउटसोर्स एवं अस्थाई कर्मचारी, जिनमें बैंक मित्र, सफाईकर्मी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्वास्थ्यकर्मी और ग्राम पंचायत सहायक शामिल हैं, शोषणकारी शर्तों के तहत काम कर रहे हैं।
आंदोलन का मुख्य आधार यह है कि पिछले 11 महीनों से 2 लाख 75 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों का लगभग 350 करोड़ रुपये का एरियर (बकाया वेतन) अटका हुआ है। संगठन ने बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के नवंबर 2024 के स्पष्ट आदेश के बावजूद, विभागीय अधिकारी और ठेकेदार टालमटोल कर रहे हैं। बैंक मित्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रजत कुमार शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स प्रथा के नाम पर बिचौलियों का राज कायम है, जो कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं।

संगठनों की प्रमुख मांगें

  • समान कार्य समान वेतन : कम से कम न्यूनतम मजदूरी के बराबर वेतनमान सुनिश्चित किया जाए।
  • बिचौलियों से मुक्ति एवं स्थायी दर्जा : आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त कर प्रत्यक्ष भर्ती की जाए और कर्मचारियों को स्थायी दर्जा दिया जाए।
  • सुरक्षा कवच : कर्मचारियों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की जाएं।
  • एरियर भुगतान : सभी बकायों का तत्काल निपटारा किया जाए।

आउटसोर्स कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने चेतावनी दी, हमारा धैर्य अब समाप्त हो चुका है। यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं की, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। संगठनों ने राज्य सरकार से आंदोलन से पूर्व वार्ता के माध्यम से मुद्दों का समाधान करने की अपील की है, अन्यथा कर्मचारी सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। इस आंदोलन को मध्यप्रदेश के श्रमिक वर्ग की गरिमा की रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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