इटारसी। नर्मदापुरम जिले में खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। कलेक्टर (खाद्य) कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, जिले में धान उपार्जन का कार्य 1 दिसंबर, 2025 से 20 जनवरी, 2026 तक किया जाएगा। मुख्य बिंदु 15 केंद्र निर्धारित : जिले में धान उपार्जन के लिए जिला स्तरीय उपार्जन समिति की मंजूरी के बाद, 15 शासकीय गोदामों को गोदाम स्तरीय धान उपार्जन केंद्र निर्धारित किया गया है।
- एल-4 ग्रेडिंग अनिवार्य : भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्थायी उपार्जन केंद्रों को खरीदी शुरू होने से पहले न्यूनतम एल-4 लेवल की परिपक्वता ग्रेडिंग प्राप्त करना अनिवार्य है।
- आवश्यक सुविधाएं : उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा और कार्यक्षमता के लिए 16 आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
- सुविधाओं में प्रमुख : एल-1 बायोमेट्रिक स्कैनर की अनिवार्यता। हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और निर्बाध विद्युत/जनरेटर सुविधा। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर।
- जन सुविधाएं : पेयजल, शौचालय, छाया, और बैठने की व्यवस्था। गुणवत्ता परीक्षण कक्ष और उपकरण जैसे एनालॉग मॉइस्चर मीटर।
- सुरक्षा सुविधाएं : जिसमें तिरपाल, कवर, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट ऐड बॉक्स
किसान पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग
किसान ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। पंजीकृत किसान स्वयं के मोबाइल, एमपी ऑनलाइन, या उपार्जन केंद्र से स्लॉट बुकिंग कर सकते हैं। स्लॉट बुकिंग के लिए पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे पोर्टल पर दर्ज करना होगा। उपार्जन केंद्रों को प्रतिदिन दिनांकवार स्लॉट बुकिंग वाले किसानों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी। उपार्जन कार्य के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को नोडल एजेंसी निर्धारित किया गया है।
कलेक्टर ने सभी संबंधित समितियों और विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उपार्जन नीति के समस्त प्रावधानों और निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। केंद्रों को उपार्जित धान को वर्षा से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तिरपाल की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करनी होगी।








