- जनपद पंचायत में सौंपा ज्ञापन, वेतन में देरी से आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का हवाला
रीतेश राठौर केसला। ग्राम पंचायत सचिवों की लंबित समस्याओं और वेतन विसंगतियों को लेकर बुधवार को मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन ने मोर्चा खोल दिया। संगठन के तत्वावधान में जनपद पंचायत केसला में एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रतिमाह 1 तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और एनपीएस कटौती की राशि समय पर खाते में जमा करने की पुरजोर मांग की गई।
नियमों की अनदेखी पर जताया रोष
ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश के पूर्व आदेशों के अनुसार, सभी ग्राम पंचायत सचिवों को प्रत्येक माह की 1 तारीख को वेतन मिलना अनिवार्य है। इसके बावजूद, वर्तमान में वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है। सचिवों ने कहा कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उनके संवैधानिक अधिकारों का भी हनन है।
देरी से बढ़ रहा है आर्थिक बोझ
संगठन ने अपनी समस्याओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि वेतन में विलंब के कारण सचिवों को कई मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय पर वेतन न मिलने से बैंक लोन की किश्तें बाउंस हो रही हैं, जिससे पेनल्टी और सिबिल स्कोर पर असर पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस, बिजली बिल और अन्य घरेलू आवश्यकताओं का समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। एनपीएस की कटौती की राशि समय पर जमा न होना भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय है।
संगठन की प्रमुख मांगें
- प्रतिमाह की 1 तारीख को वेतन सीधे खाते में जमा किया जाए।
- कटौती की गई एनपीएस राशि को बिना विलंब संबंधित खाते में भेजा जाए।
- पंचायत शाखा में वेतन संबंधी कार्यों के लिए किसी एक जिम्मेदार कर्मचारी को अधिकृत किया जाए, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कार्यवाहक ब्लॉक अध्यक्ष मनीष राजपूत, ब्लॉक संयोजक मुकेश चौधरी, उपाध्यक्ष राजू पठारिया, रामगोपाल चौरे, सचिव राजू यादव, कोषाध्यक्ष श्रीमती लता त्यागी, सह-सचिव सुश्री ज्योति चिमनिया, मीडिया प्रभारी सतीश चौधरी, सदस्य सुमेर सिंह कास्दे, शिव शंकर जोठे, कमल परते, हरिकेश मरकाम, संतोष उईके, संतोष साध सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे।








