इटारसी। मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन अपनी मांगों के समर्थन में दो दिन 20 एवं 21 अगस्त को सामूहिक अवकाश (Group holiday) लेकर मुख्यमंत्री (Chief Minister) के नाम समस्त ब्लॉकों में जनपद सीईओ (CEO), एसडीएम (SDM) एवं जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपेगा। इन दो दिनों में जिले का कोई भी पंचायत सचिव कार्यालय नहीं खोलेगा, ना ही कोई शासकीय कार्य करेगा ।
पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह राजपूत (Narendra Singh Rajpoot) ने कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास की रीढ़ है। ग्राम पंचायतों में शासन की प्रत्येक योजनाओं को अमली जामा पहनाता है, साल के 365 दिन 24 घंटे काम करता है। जहां प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में रविवार का निश्चित अवकाश मिलता है, वहीं पंचायत सचिव संडे को भी काम में ही जुटा रहता है। लेकिन सरकार द्वारा लगातार पंचायत सचिवों की उपेक्षा की जा रही है। जहां प्रदेश के सभी संवर्ग के कर्मचारियों को सातवा वेतनमान मिल गया है। वही पंचायत सचिव अभी तक अछूता है। सरकार किसी की भी हो, पंचायत सचिवों के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार होते आया है।
ये हैं संघ की मांगें
– पंचायत सचिवों को पंचायत एव ग्रामीण विकास विभाग में संविलयन कर राज्य शासन का कर्मचारी बनाया जाए
– सातवा वेतनमान दिया जाए, छटवे वेतनमान की गणना नियुक्ति दिनांक से की जाकर वेतन दिया जाए
– अनुकंपा नियुक्ति में रोस्टर, आमेलन, कम्प्यूटर की अनिवार्यता खत्म की जाए
– पंचायत सचिवों का 5 लाख का हेल्थ बीमा किया जाए
– 2005 के पूर्व नियुक्त पंचायत सचिवों को पुरानी पेंशन लागू की जाए
दो दिन कोई काम नहीं करेंगे पंचायत सचिव (Panchayat secretary will not work)


Rohit Nage
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