इटारसी। रेस्ट हाउस परिसर में शनिवार को आगामी त्योहारों के मद्देनजर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। एसडीएम नीलेश शर्मा और एसडीओपी वीरेन्द्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि रमजान और होली के दौरान शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि परीक्षाओं के इस दौर में हुड़दंग और शोर-शराबे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में नपा अध्यक्ष पंकज चौरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती और चेतावनी
बैठक में सबसे कड़ा रुख डीजे संचालकों के प्रति दिखा। एसडीएम नीलेश शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी मैरिज गार्डन या सार्वजनिक स्थल पर रात 10 बजे के बाद यदि साउंड बजता पाया गया, तो पुलिस तत्काल उसे जब्त करेगी। इस दंडात्मक कार्रवाई के लिए पूरी तरह से डीजे संचालक को जिम्मेदार माना जाएगा। अधिकारियों ने संचालकों को मानवता का परिचय देने और प्रशासन को कड़े निर्णय लेने के लिए मजबूर न करने की हिदायत दी है।
सांप्रदायिक सौहार्द और अफवाहों पर नियंत्रण
प्रशासन ने अपील की है कि रमजान और होली का संगम आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए। रंग खेलते समय यह सुनिश्चित करें कि किसी दूसरे मजहब के व्यक्ति पर जबरन रंग न डले। यदि अनजाने में कोई छींटा उड़ता है, तो विवाद के बजाय आपसी समझदारी से मिसाल पेश करें। शहर की तस्वीर को सांप्रदायिक रंगों से दूर रखने के लिए सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों पर पुलिस की साइबर टीम पैनी नजर रखेगी।
बाजार की समय-सीमा और महत्वपूर्ण निर्णय
रक्षा की दृष्टि से एसडीओपी वीरेन्द्र मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि शहर के मुख्य बाजार और मोहल्लों की सभी दुकानें रात 11:30 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करनी होंगी। त्योहार के नाम पर देर रात तक सड़कों पर घूमने वालों पर गश्त के दौरान कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद पगारे ने जानकारी दी कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने से मुख्य रंगोत्सव 4 मार्च को मनेगा। साथ ही, वन विभाग से होलिका दहन हेतु 900 रुपए प्रति क्विंटल की रियायती दर पर लकड़ी उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। बैठक में तहसीलदार सुनीता साहनी, नपा अध्यक्ष पंकज चौरे, एसडीओपी वीरेन्द्र मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद पगारे, वन एवं विद्युत विभाग के अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।










