इटारसी। शहर की पेयजल व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सराफा बाजार, सूरज गंज और आजाद नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पीने के पानी की पाइपलाइनें सीधे गंदे नालों के संपर्क में हैं। इस गंभीर मुद्दे पर अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्या ने प्रशासन को घेरते हुए इसे साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी करार दिया है।
उन्होंने कहा कि पाइपलाइन के नालों में होने से लीकेज की स्थिति में दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का डर है। अधिवक्ता सिद्धार्थ आर्या ने कहा कि स्वच्छ जल पाना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद ऐसी लापरवाही अक्षम्य है।
सिद्धार्थ आर्या वेलफेयर फाउंडेशन ने साक्ष्यों के साथ सीएमओ और एसडीएम ज्ञापन सौंपकर तत्काल पाइपलाइन शिफ्ट करने की मांग की है। अधिवक्ता आर्या ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 से 30 दिनों में सुधार नहीं हुआ, तो वे नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।









