गांधी स्टेडियम Gandhi Stadium की टूटी दीवार और नाली निर्माण नहीं करने का मामला
इटारसी। गांधी स्टेडियम Gandhi Stadium की टूटी दीवार एवं नाली निर्माण को लेकर अब हॉकी खिलाड़ी Hockey Players आरपार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। पिछले आधा दर्जन सीएमओ CMO और एसडीएम SDM को ज्ञापन देकर, मौखिक निवेदन और विधायक MLA से भी चर्चा के बाद मामले का कोई उचित निराकरण न होने से खिलाड़ी मायूस हैं। अब तक हजारों रुपए की गेंद खराब कर चुके ये खिलाड़ी अब संघर्ष को और तीव्र बनाने का मन बना रहे हैं। हालांकि इससे पहले नवागत सीएमओ हेमेश्वरी पटले CMO Hemeshwari Patale को उन्होंने पत्र देकर गांधीगिरी से विरोध जताने की सूचना दी है। गुरुवार 10 सितंबर को ये खिलाड़ी, सुबह 11 से 11:30 बजे तक मेजर ध्यानचंद चौराहे पर सांकेतिक रूप से हॉकी का अभ्यास कर विरोध जताएंगे।
शहर के वरिष्ठ, युवा और उदीयमान हॉकी खिलाडिय़ों ने गुरुवार को मेजर ध्यानचंद चौराहे पर बीच सड़क पर हॉकी खेलकर सांकेतिक विरोध करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन की सूचना आज खिलाडिय़ों ने नगर पालिका जाकर सीएमओ को और पुलिस थाने जाकर टीआई को दे दी है। सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले ने बताया कि खिलाड़ी आये थे, हम गुरुवार को सुबह जाकर मौके का निरीक्षण करेंगे और यह देखेंगे कि आखिर कौन सी तकनीकि परेशानी आ रही है, दीवार के निर्माण में। उसे दूर करने के बाद समस्या का उचित समाधान निकाला जाएगा।
पांच वर्ष पूर्व तोड़ी थी दीवार
उल्लेखनीय है कि गांधी स्टेडियम की दीवार करीब पांच वर्ष पूर्व नगर पालिका ने इसलिए तोड़ दी थी कि यहां पटाखा बाजार में किसी प्रकार की दुर्घटना हो तो निकलने में आसानी हो। दीवार तोडऩे से पूर्व यह यथावत दीवार बनाने और कवर्ड नाली बनाने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन अब न तो दीवार का निर्माण किया जा रहा है और ना ही नाली का।
खिलाडिय़ों को हो रही परेशानी
दीवार का निर्माण नहीं होने से खिलाडिय़ों का भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दीवार से सटी नाली होने से उनकी गेंदें नाली में जा रही हैं। गेंद महंगी होने से अब तक हजारों रुपए की गेंद खराब हो चुकी हैं। वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी दीपक जेम्स ने बताया कि अब तक अभ्यास और मैच में करीब 50 हजार रुपए की गेंदें खराब हो चुकी हैं।
मैदान हो गया असुरक्षित
फे्रन्ड्स स्कूल तरफ की करीब तीन सौ मीटर की दीवार टूटने के कारण मैदान असुरक्षित हो गया है। इस मैदान में चार द्वार हैं। लेकिन, उनके बंद रखने का भी कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि दीवार का एक बड़ा हिस्सा टूटा है जिससे असामाजिक तत्व दिन और रात के वक्त मैदान में आकर गैरकानूनी गतिविधि करते हैं तो मवेशी भी मैदान में घुस जाते हैं।
इनका कहना है…
खिलाडिय़ों ने एक पत्र दिया है, मैदान की दीवार बनवाने का जिक्र है। हम इंजीनियर से उसकी फाइल बुलवाकर अवलोकन करेंगे कि आखिर क्यों दीवार अब तक नहीं बनी। इसके बाद हम स्थल निरीक्षण करेंगे। जो भी समस्या होगी, उसे दूर करके उसका निदान करेंगे।
हेमेश्वरी पटले, सीएमओ
हम छह वर्ष से गांधी मैदान की नाली को कवर्ड करने की मांग कर रहे हैं। पांच वर्ष पूर्व नाली तो बनी नहीं, मैदान की दीवार भी नगर पालिका ने तोड़ दी है। अब तक दीवार और नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं। अनेक ज्ञापन दिये, अब और नहीं। अब तो संघर्ष सड़कों पर ही होगा। कल हम विरोध स्वरूप सड़क पर हॉकी खेलकर विरोध जताएंगे।
कन्हैया गुरयानी, हॉकी कोच










