भोपाल। औसत समुद्र तल पर मानसून का गर्त अब अमृतसर, पटियाला, मुजफ्फरनगर, खीरी, वाल्मीकि नगर और फिर पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर हिमालय की तराई के पास अरुणाचल प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। एक गर्त उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक दक्षिण हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और गुजरात को पार करते हुए औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर बना हुआ है।
दक्षिणी राजस्थान के मध्य भागों पर औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण उपरोक्त प्रणाली में विलीन हो गया है। अगले 24 घंटों के लिए चंबल संभाग के जिलों में कई स्थानों पर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर और नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और मंडला जिलों में। राज्य के शेष जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे का अनुमान है।
अगले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा (64.5-115.5 मिमी) भिंड, मुरैना और श्योपुर कलॉ जिलों में कुछ स्थानों पर होने की संभावना। राज्य में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पडऩे की संभावना। दक्षिण और मध्य मध्य प्रदेश में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है।








