इटारसी। जिले के प्रोजेक्ट विस्थापित विरोध समिति के बैनर तले 08 अक्टूबर 2025, बुधवार को जिला मुख्यालय नर्मदापुरम में एक बड़े हक अधिकार रैली और धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन गरीब जनता, किसानों, दलितों और विस्थापित दुकानदारों के अधिकारों की मांग को लेकर किया जा रहा है। समिति ने जनता से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी करने, बड़े पूंजीपतियों और राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है।
विरोध प्रदर्शन के प्रमुख मुद्दे
- जनता के वोट से पूंजीपतियों का भला : आरोप है कि सरकार जनता के वोटों से जीती है, लेकिन काम पूंजीपतियों और कंपनियों के लिए कर रही है।
- गरीबों की जमीन, जल, जंगल पर कब्जा : गरीब किसानों, दलितों से उनकी जमीन, जंगल और जल छीना जा रहा है, जिससे वे बेरोजगार हो रहे हैं।
- विस्थापितों के अधिकार : प्रोजेक्ट के चलते विस्थापित हुए लोगों को उनके हक का सम्मानजनक मुआवजा और पेंशन/सांस्कृतिक पेशा नहीं दिया जा रहा है।
- सरकारी कर्मचारियों की उपेक्षा : सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते न बढ़ाने और पुरानी पेंशन को बहाल न करने का आरोप।
- तवा, सतपुड़ा, बारना विस्थापित : विशेष रूप से तवा बांध (1968-1988), सतपुड़ा बांध (1969), बारना (2002) के विस्थापितों को उनका हक नहीं मिलने का उल्लेख। तवा के कारण 35 गांव, सतपुड़ा के कारण 44 गांव और बारना के कारण 26 गांव विस्थापित हुए थे।
- नर्मदापुरम नाम बदलने पर सवाल : सरकार द्वारा होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम और बाबई का नाम माखननगर करने पर भी सवाल उठाया गया है कि यह सब प्रोजेक्ट विस्थापितों के नाम पर क्यों नहीं किया गया।
रैली में शामिल होने की अपील
विस्थापित विरोध संघर्ष समिति, जिला-नर्मदापुरम ने किसान मजदूर, छात्र, नौजवान सहित सभी वर्ग के लोगों से आह्वान किया है कि वे 08 अक्टूबर 2025 बुधवार को अपने गांव से दो टुकड़ों की रोटी और पानी लेकर रैली और धरना स्थल पर आएं।









