इटारसी/नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले के दो प्रमुख शहरों, इटारसी और होशंगाबाद (नर्मदापुरम), को मिलाकर एक नया नगर निगम बनाने की तैयारी चल रही है। यह एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे इन दोनों शहरों के साथ-साथ इनके आसपास के क्षेत्रों में भी शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने सहज ही स्वीकार कर लिया था। राजधानी से मिल रही खबरों के अनुसार इस योजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है।
एसडीएम से मांगी है रिपोर्ट
दोनों शहरों को मिलाकर विकास प्राधिकरण बनाने के लिए शासन ने दोनों शहरों के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा का कहना है कि जल्द ही वे दोनों शहरों के एसडीएम, दोनों शहरों के नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद पंचायत नर्मदापुरम के अध्यक्ष के साथ बैठकर रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे, कि आखिर कैसी रिपोर्ट बनेगी। रिपोर्ट भेजना जरूरी है, और इसकी मॉनिटरिंग भी उतनी ही जरूरी है, देरी होने पर योजना निरस्त भी हो सकती है। हम रिपोर्ट में इसके लाभ-हानि पर मशविरा करेंगे। इस बैठक के बाद जनपद पंचायत अध्यक्ष सरपंचों से चर्चा करेंगे और उनकी राय जानेंगे।
बढ़ती आबादी और शहरीकरण की मांग
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से इन दोनों शहरों की आबादी और शहरीकरण में लगातार वृद्धि हुई है, जिसके कारण इनकी सीमाएं अब आपस में मिलने लगी हैं। इटारसी का शहरीकरण अब रैसलपुर गांव तक पहुंच गया है, जबकि नर्मदापुरम भी तेजी से बढ़ रहा है। इस भौगोलिक विस्तार ने दोनों शहरों के लिए विकास की नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जिसके समाधान के लिए एक एकीकृत निकाय की आवश्यकता महसूस हो रही है।
विकास प्राधिकरण से मिलेंगे कई फायदे
ऐसे संकेत मिले हैं कि नया नगर निगम बनने के बाद एक विकास प्राधिकरण (ष्ठद्ग1द्गद्यशश्चद्वद्गठ्ठह्ल ्रह्वह्लद्धशह्म्द्बह्ल4) का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण शहरी विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने और उसे लागू करने का कार्य करेगा। इससे नए प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी, सड़कों का विस्तार होगा, नए पुलों का निर्माण किया जाएगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी सुधार होगा। इसके अलावा, औद्योगिक विकास के लिए भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो पाएगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नागरिक सुविधाओं में होगा सुधार
जानकारों का मानना है कि इस कदम से दोनों शहरों की नागरिक सुविधाओं में बड़ा फायदा होगा। उम्मीद है कि सीवेज और पानी की आपूर्ति की व्यवस्था बेहतर होगी, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार आएगा, और स्वच्छता कार्यक्रमों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। यह पहल दोनों शहरों को एक साथ लाकर एक एकीकृत विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी।
फिलहाल यह योजना कागजों पर चल रही है, इसके पक्ष में कागज जितने मजबूत होंगे, उतना ही इस योजना के धरातल पर आने की संभावना बलवती होगी, इसलिए अभी कागजों पर काम में मजबूती पर जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है, जल्द ही योजना कागजों से धरातल पर आएगी।
इनका कहना है….
हमें जानकारी मिली है कि दोनों शहरों के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। हम दोनों शहरों के एसडीएम, तहसीलदार, नजूल अधिकारी शहरी, ग्रामीण, दोनों नपाध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष के साथ बैठकर रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे, ताकि योजना को जल्द से जल्द धरातल पर लायी जा सके।
डॉ.सीतासरन शर्मा, विधायक








