नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक 4 साल की अवधि के लिए 2000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ केंद्रीय क्षेत्र योजना राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को अनुदान सहायता की मंजूरी दी। इसी दौरान इटारसी व नागपुर के बीच चौथी रेल लाइन को भी स्वीकृति दी है। केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए इटारसी-नागपुर के बीच चौथी रेलवे लाइन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटारसी और नागपुर के बीच चौथी लाइन को मंजूरी दे दी है। इसका निर्माण दिल्ली और चेन्नई के साथ-साथ मुंबई और हावड़ा को जोडऩे वाले उच्च-घनत्व वाले गलियारे पर किया जाएगा। यह चारों दिशाओं का मिलन बिंदु है।
मंत्रिमंडलीय समिति ने लिया निर्णय
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया, एक अच्छे वित्तीय मॉडल को और अधिक समर्थन देने के लिए, मंत्रिमंडल ने एनसीडीसी के लिए चार वर्षों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी अनुदान सहायता को मंजूरी दी।
एनसीडीसी 8.25 लाख से अधिक सहकारी समितियों को ऋण देता है, जिनके 29 करोड़ सदस्य हैं। कुल सदस्यों में से 94 प्रतिशत किसान हैं। मंत्री ने कहा कि इस वित्तीय सहायता से एनसीडीसी आगे ऋण देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटाने में सक्षम हो सकेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एनसीडीसी की ऋण वसूली दर 99.8 प्रतिशत है और एनपीए शून्य है।
सरकार की ओर से दी जानकारी में बताया कि कैबिनेट ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 574 किलोमीटर बढ़ जाएगा। इस परियोजना की लागत करीब 11169 करोड़ रुपये आएगी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक 4 वर्षों की अवधि के लिए अनुदान सहायता पर 2000 करोड़ रुपये का परिव्यय किया जाएगा। एनसीडीसी चार वर्षों की अवधि में खुले बाजार से 20,000 करोड़ रुपये जुटा सकेगी। एनसीडीसी की ओर से नई परियोजनाओं की स्थापना/संयंत्रों के विस्तार, सहकारी समितियों को ऋण देने और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऋण देने हेतु निधियों का उपयोग किया जाएगा।
खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों को मिलेगा लाभ
सरकार ने बताया है कि इस कदम से देश भर में डेयरी, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण और कोल्ड स्टोरेज जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 13,288 सहकारी समितियों के 2.9 करोड़ सदस्यों; श्रम और महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों को लाभ मिलेगा।
वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को चार वर्षों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता को मंजूरी दी है। इस कदम से संगठन को ऋण देने के लिए अधिक धन जुटाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी इटारसी-नागपुर के बीच चौथी लाइन को मंजूरी


Rohit Nage
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