नर्मदापुरम। जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लूट की एक वारदात का महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई राशि, पर्स और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त कर लिया है।
क्या है मामला?
20 दिसंबर 2025 को फरियादी आनंद वैष्णव, निवासी ग्राम लांझी, पिपरिया ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, बुधनी रोड पर सिवनी नाके वाली पुलिया के पास आरोपी फारुख बेग, सलमान शाह और विनोद विश्वकर्मा ने उनका रास्ता रोका और डरा-धमकाकर उनका पर्स छीन लिया, जिसमें 8,950 रुपये नकद थे।
पुलिस की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन व एसडीओपी जितेंद्र पाठक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को नर्मदापुरम बस स्टैंड से धर दबोचा।
तलाशी के दौरान पुलिस को सफलता मिली
- फारुख बेग : घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की महरून रंग की स्कूटी जब्त।
- सलमान शाह : फरियादी से लूटे गए 8,950 रुपये बरामद।
- विनोद विश्वकर्मा : फरियादी का लूटा हुआ पर्स बरामद।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
टीम की मुख्य भूमिका
लूट के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह, उपनिरीक्षक विशाल नागवे, उपनिरीक्षक महेश जाट, और सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद पटैल की अहम भूमिका रही। टीम में प्रधान आरक्षक रितेश यदुवंशी सहित आरक्षक अजमेश चंद्रोल, गजेंद्र डडोरे, संतोष धाकड़, हरीश, पंकज, वैभव और रामकुमार शामिल थे।










