- साया का साथ छोडऩे का उत्सव मनाया बच्चों के साथ सारिका ने
- 13 जून को दक्षिणी भाग से आरंभ होकर 14 जून को जीरो शैडो डे उत्तरी भोपाल में
इटारसी। पृथ्वी के झुकाव के साथ परिक्रमा करते रहने से सूर्य हर साल के छह महीने मकर रेखा से कर्क रेखा की जाता दिखता है। इस दौरान वह अलग अलग दिनांक को किसी खास शहर के ठीक ऊपर होता है। आज से यह बारी राजधानी भोपाल की है। सूर्य मध्यान्ह में ठीक आपके सिर के ऊपर आने की खगोलीय घटना होने जा रही है।
इस स्थिति में किसी भी वस्तु की छाया उसके ठीक आधार के नीचे बनती है जिससे लगता है कि छाया गायब हो गई है। इसकी वैज्ञानिक जानकारी देने नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने विज्ञान चौपाल का आयोजन किया। इसमें बच्चों को सारिका ने बताया कि इसे जीरो शैडो डे कहा जाता है। इसके लिये जमीन में किसी सीधी छड़ की दोपहर में गायब होती परछाई का डाटा लेना बच्चों को बताया।
सारिका ने बताया कि इस वर्ष सूर्य कर्क रेखा पर 21 जून को पहुंचेगा और वापस मकर रेखा की ओर अपनी वापसी यात्रा आरंभ करेगा। इस कारण यह 28 जून को दोबारा इस ही स्थिति में होगा। मकर रेखा और कर्क रेखा के बीच स्थित स्थानों पर यह घटना साल में दो बार होती है।
सारिका ने बताया कि चूंकि भोपाल उत्तर से दक्षिण की ओर फैला एक बड़े क्षेत्रफल का शहर है इसलिये औसत रूप से यह घटना 14 जून को होती है। 13 जून को यह शहर के दक्षिणी भाग में आरंभ होती है। तो महसूस कीजिये ऊंचे टॉवर, इमारत और आपकी स्वयं के साया को साथ छोड़ते हुये कुछ पल के लिये।






