सोनतलाई। ग्राम सोनतलाई में जारी शिव महापुराण कथा के चौथे दिन आचार्य सौरभ दुबे ने ‘सती प्रसंग’ का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो पति की गरिमा के लिए सर्वस्व त्याग दे, वही सती है। माता सती ने अपने पिता राजा दक्ष द्वारा पति भगवान शिव के अपमान को सहने के बजाय यज्ञ की अग्नि में देह त्याग दी, जिससे वे महाशक्ति बनीं।
आचार्य श्री ने कहा कि अहंकार व्यक्ति को पशु समान बना देता है, जैसा राजा दक्ष के साथ हुआ। कथा के दौरान माता पार्वती के प्राकट्य पर मधुर भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन में संयोजक डॉ. मनीष यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।









