इटारसी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत अक्टूबर माह की थीम मानसिक एवं साइको-सोशल स्वास्थ्य पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का परियोजना स्तरीय समापन समारोह इटारसी में आयोजित किया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) और विश्व खाद्य दिवस (16 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में आयोजित इस संयुक्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के मानसिक, सामाजिक और पोषण संबंधी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कन्या शाला में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष सत्र
सेक्टर-2 इटारसी के माध्यमिक कन्या शाला, पुरानी इटारसी में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग को शिक्षा विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का सहयोग मिला। इस दौरान विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य के लिए सहयोगी वातावरण बनाने, किशोरियों में सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने और उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय पोषण माह का समापन
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के साथ ही, सेक्टर 2 इटारसी के आंगनवाड़ी केंद्र 12, वार्ड 6 से राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का परियोजना स्तरीय समापन समारोह भी आयोजित किया। इसमें पोषण से संबंधित विस्तृत सलाह दी गई और संतुलित आहार के महत्व पर चर्चा की गई, जिससे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
रंगोली, पेंटिंग और मेहंदी प्रतियोगिता
कार्यक्रम को आकर्षक बनाने और बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए रंगोली, पेंटिंग एवं मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। रंगोली में देवयानी अंजीकर, साधना सरयाम, राधिका पथोरिया, पेंटिंग में छवि, भूमि, सृष्टि, मेहंदी में पूर्वी कहार, आसिफा खान, अंजलि पथोरिया क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। सभी विजेताओं को अतिथियों ने पुरस्कृत किया
मानसिक स्वास्थ्य और पोषण जरूरी
वार्ड पार्षद जिम्मी कैथवास, परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला, पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा चौरे, श्रीमती मीना गांठले, श्रीमती रखी मौर्य, पोषण अभियान समन्वयक सुश्री हिना खान, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती नीतू चौहान, वरिष्ठ शिक्षक आरके सेजकर, शिक्षिका श्रीमती पुष्पा साहू, एएनएम सुनीता निगम सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और किशोरी बालिकाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ केवल शिक्षा का अभियान नहीं, बल्कि बालिकाओं के समग्र मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास का भी प्रतीक है। पोषण माह के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रत्येक परिवार में समान महत्व दिया जाएगा, जिससे स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सशक्त नारी के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया जा सके।








