- पंकज पटेरिया

देवाधिदेव महादेव के अनेक मंदिर विश्व भर में स्थित है। इनमें कई अपने दिव्य विग्रह के कारण बहुत प्रसिद्ध हैं। इनमें उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले के पास स्टेट रही तालबेहट में स्थित हजारी महादेव की ख्याति दूर-दूर तक है। कहा जाता है कि तिल-तिल उनका आकार बढ़ रहा है।
शिव उपासना का विशेष सत्र सावन मास होता है। यूं तो भोलेनाथ की पूजा उपासना भक्तजन 12 माह करते हैं, अपितु महाशिवरात्रि की तरह सावन मास भर शिव अभिषेक और पूजा उपासना अनुष्ठान का विशेष महत्व है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कुल जमा 35 किलोमीटर रायसेन जिले का प्रसिद्ध भोजपुर मंदिर के पास बिलौटा नाम का एक प्रसिद्ध स्थान है, जहां स्थित है अद्भुत शिवालय, जिसमें विराजे हैं अदभुत भोलेनाथ शिव शंकर। इन्हें 1008 शिवलिंगेश्वर शिव मंदिर कहा जाता है। इनकी ख्याति दूर-दूर तक है।
विशेषता शिव लिंग की यह है कि एक शिवलिंग में 1008 शिवलिंग के भव्य विग्रह है। अलौकिक अनुभव यह कि शिवजी पर अभिषेक करते हुए 1008 शिवलिंग पर अपने आप ही अभिषेक हो जाता है। लोगों की मान्यता है कि इसका महत्व पुण्य बड़ा फलदाई है। श्रद्धालु जन दूर-दूर से भोले नाथ की पूजा-अर्चना, अभिषेक के लिए आते रहते हंै।
शिवानुरागी शिव जी के रंग रूप की छटा भी मनोहारी है, जिसे दर्शन कर ही पुण्य सुख लाभ अर्जित किया जा सकता है। इन्हें मनोकामना शिव जी भी पुकारा जाता है। सावन मास के दिनों में भक्त जनों का बढ़ी संख्या में आवाजाही रहती है।
नम: शिवाय।
पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार कवि
संपादक शब्द ध्वज








