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वैज्ञानिक बोले, विज्ञान रटकर नहीं प्रयोग से होता है आसान

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रोटरी क्लब की विज्ञान कार्यशाला में वैज्ञानिकों से रूबरू हुए बच्चे

इटारसी। हम भले ही विज्ञान के क्षेत्र में सिरमौर होने का दावा करें, लेकिन कड़वी हकीकत तो यह है कि हमने कितने नोबल पुरस्कार (Nobel Prize) प्राप्त किये, कितने नये वैज्ञानिक तैयार किये? इन सवालों का जवाब तलाशेंगे तो हकीकत सामने आ जाएगी। हमारी मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की कमियों के चलते विज्ञान सिर्फ रटने की कला हो गई, जबकि बिना प्रयोग विज्ञान समझना मुश्किल है। हमारे स्कूलों में जिस तरीके से विज्ञान पढ़ाया जाता है, उसमें सिर्फ अंक मिलते हैं, अनुभव नहीं। विज्ञान की शिक्षा ऐसी होना चाहिए जो अंक भले ही न दे, लेकिन अनुभव बेहतर मिले।
यह बात रोटरी क्लब के तत्वावधान में ऑडिटोरियम में आयोजित विज्ञान कार्यशाला में नागपुर से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक सुरेश अग्रवाल (Senior Scientist Suresh Agarwal) ने कही। उन्होंने शून्य की खोज की कामयाबी पर कहा कि यह सब इतिहास हो चुका है, हमारी नई पीढ़ी कहां तक कामयाब हुई है, इस पर विचार होना चाहिए, सरकार को विज्ञान शिक्षा प्रयोग आधारित बनाना होगी। छोटे-छोटे प्रयोग कर हम पिछले 35 सालों से यही प्रयास कर रहे हैं, जिससे धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। उप्र झांसी के वैज्ञानिक डॉ. व्हीके मुद्गिल (Scientist Dr. VK Mudgil) ने स्कूली बच्चों को प्रयोग के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांत बताए। कार्यशाला के शुभारंभ में क्लब अध्यक्ष पंकज गोयल (Club President Pankaj Goyal), संयोजक दीपक अग्रवाल (Convener Deepak Agarwal), ललित अग्रवाल, सत्यम अग्रवाल, निपुण गोठी, अधिवक्ता रमेश के साहू, मक्कू राठी, विवेक चांडक, पूर्व अध्यक्ष रितेश माहेश्वरी, रीतेश शर्मा, दीपक जैन, विजय अग्रवाल, संदीप खंडेलवाल, सुनील दरड़ा, नवनीत कोहली समेत अन्य रोटरी सदस्यों ने अतिथि वैज्ञानिकों का स्वागत किया।

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कार्यक्रम में विज्ञान शिक्षक राजेश पाराशर (Science teacher Rajesh Parashar), आदित्य पाराशर (Aditya Parashar), एमएस नरवरिया (MS Narwaria) का सहयोग भी रहा। वैज्ञानिकों ने मंच से छोटे-छोटे प्रयोगों के जरिए गति, हवा, भाप एवं अन्य वैज्ञानिक सिद्धांतों की व्याख्या की। मुद्गिल ने कहा कि विज्ञान जिज्ञासा का विषय है, यह पढ़कर नहीं करते हुए समझ आता है। हमारी नई पीढ़ी को इसमें रूचि लेना होगा। कार्यक्रम में बच्चों ने भी माइक लेकर वैज्ञानिकों से अपनी जिज्ञासा को लेकर सवाल किए, कई बच्चों को मंच पर आमंत्रित किया। क्लब अध्यक्ष पंकज गोयल, दीपक अग्रवाल ने बताया कि स्कूली बच्चों को विज्ञान के असाधारण प्रयोगों को सरल भाषा में समझाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला रखी गई है।
अग्रवाल पिछले 35 सालों से महाराष्ट्र में 2 हजार से ज्यादा अनुसंधान कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी विज्ञान क्षेत्र में सहयोग के लिए उनका सम्मान कर चुके हैं। सत्यम अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही स्कूली बच्चों के लिए वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा, विज्ञान जागरूकता के लिए तीन चरणों में रोटरी क्लब एक नया प्रयास कर रहा है, जिससे हमारे बच्चों में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़े।

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