इटारसी। बदलते मौसम ने लोगों की सेहत पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक हुई बारिश के कारण मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिसका सीधा असर अस्पतालों में दिख रहा है। शहर के सरकारी और निजी, दोनों ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि अकेले उनके अस्पताल में ही रोज 600 से 800 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शहर की एक दर्जन से अधिक निजी डिस्पेंसरी और अस्पतालों में भी यही स्थिति है, जहां मरीजों की संख्या काफी अधिक है। डॉक्टर्स के मुताबिक, इन दिनों वायरल फीवर के सर्वाधिक मरीज आ रहे हैं, जो मौसम के अचानक बदलाव का परिणाम है।
चिकित्सकों ने इस स्थिति से निपटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सलाहें दी हैं। उन्होंने लोगों को अपने मन से कोई भी दवा न लेने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत किसी सही और योग्य चिकित्सक को दिखाना चाहिए। डॉक्टर्स ने विशेष रूप से यह भी कहा है कि किसी भी परिस्थिति में ‘नीम हकीम’ से उपचार न कराएं, क्योंकि इससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। सरकारी अस्पताल में मौसमी बीमारियों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं और उपचार उपलब्ध हैं, जिसका लाभ उठाया जा सकता है।
बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता और सावधानी सबसे अहम है। डॉक्टर्स ने घर और उसके आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी है। यदि कहीं पानी जमा है, तो उसे तुरंत निकाल दें या फिर उसमें जला हुआ ऑयल डाल दें ताकि मच्छर न पनप सकें। इसके अलावा, बाहरी एवं दूषित खानपान से पूरी तरह बचें और केवल साफ एवं ताजा खाना ही खाएं। ये छोटे-छोटे कदम हमें इन मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।










