नर्मदापुरम। सिवनी मालवा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, गुम हुए ढाई साल के बच्चे श्रेयांश को मात्र 14 घंटे के अंदर सकुशल दस्तयाब कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चार विशेष टीमों के गहन प्रयास से अपहरण की इस गंभीर घटना का खुलासा हुआ।
क्या है मामला?
19 अक्टूबर 2025 को शाम 06 बजे फरियादी मोनिका सिसोदिया ने सिवनी मालवा थाने में आकर सूचना दी कि उनका ढाई साल का बेटा श्रेयांश पिता श्रीराम सिसोदिया अचानक गुम हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साई कृष्णा (भापुसे) ने तत्काल एसडीओपी सिवनी मालवा और थाना प्रभारी सिवनी मालवा को पृथक-पृथक टीमें बनाकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम को भी अवगत कराया, जिन्होंने बच्चे की खोजबीन के लिए 30,000 के पुरस्कार की घोषणा की।
जांच और दस्तयाबी
थाना प्रभारी सिवनी मालवा में मामला दर्ज किया गया। पुलिस की चार टीमों ने सघन सर्चिंग और अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान के दौरान पुलिस को बच्चे की बहन से यह जानकारी मिली कि कोई अज्ञात व्यक्ति बच्चे को बाइक पर बैठाकर ले गया था। साथ ही, बच्चे के परिजनों ने कुछ दिन पूर्व एक परिचित से विवाद होने की बात भी बताई।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से तुरंत आरोपी की पहचान की और हरदा जिले के टिमरनी तहसील अंतर्गत ग्राम सौताड़ा निवासी राकेश आदिवासी (उम्र 35 वर्ष) के घर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित और सकुशल दस्तयाब कर थाना परिसर लाया। बच्चे के परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम ने इस सफल और त्वरित कार्रवाई के लिए अनुसंधान टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
कार्रवाई में शामिल टीम
उक्त सफल कार्यवाही में एसडीओपी सिवनी मालवा महेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी सिवनी मालवा निरीक्षक राजेश दुबे, थाना प्रभारी उपनिरीक्षक खुमान सिंह पटेल (डोलरिया), थाना प्रभारी उपनिरीक्षक शिवपुर विवेक यादव, उपनिरीक्षक नागेश वर्मा, प्रधान आरक्षक राजेश परते, आरक्षक पूनम बिल्लौरे, जितेंद्र, सुनील, रामकिशोर, सायबर सेल से आरक्षक संदीप, दीपेश और अभिषेक की सक्रिय भूमिका रही।









