इटारसी। स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर की प्रथम पुण्य तिथि पर जयस्तंभ चौक पर आयोजित एक कार्यक्रम में विश्व स्तरीय पुरस्कार प्राप्त गायिका राशि खाड़े ने लता जी के गाए गीतों के माध्यम से उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ महेश रावत, राशि खाड़े, विनोद कुशवाहा, संजय दुबे, राकेश पांडेय ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलन के साथ किया। स्वागत की परंपरा में सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष जितेन्द्र ओझा, शरद दीक्षित, अकरम खान ने गायिका राशि खाड़े का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। उसके बाद राशि ने लता मंगेशकर के गाए हुए गीतों को आवाज देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में राशि खाड़े ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दीं। कार्यक्रम में सुधीर चौधरी, नवनीत कोहली, रोहित नागे, विनय मालवीय, अखिलेश दुबे, कुलभूषण मिश्र, किशोर सीरिया, रेखा मालवीय, अनुराग दीवान, अबरार भाई, सूर्यकांत भाऊ आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। संचालन युवा गायक चन्द्रेश मालवीय ने किया।
इन गीतों को गाया
राशि ने करीब दो घंटे लगातार चले कार्यक्रम में 1960 के दशक से 2010 तक के लता जी के गाये गीत नाम गुम जाएगा, तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी, मोसे छल किए जाए, दो दिल टूटे, मोरनी बांगा मा बोले, प्यार तेरी पहली नजर को सलाम, रहें न रहें हम, तेरे बिना जिया जाए ना, बांहों में चले आ, यारा सिली सिली, अल्लाह ये अदा जैसे गीत गाये और इसी दिन कवि प्रदीप का जन्मदिन भी था, तो उनके लिखे और लता मंगेशकर के गाये गीत ए मेरे वतन ले लोगों से कार्यक्रम का समापन किया।








