इटारसी। आज 26 सितंबर 2025 को संगत संस्था एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लालन-पालन प्रशिक्षण और राष्ट्रीय पोषण माह 2025 के तहत दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
लालन-पालन प्रशिक्षण का लक्ष्य पूर्ण
संगत संस्था द्वारा आयोजित पहले कार्यक्रम में नगर की सभी 144 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक देखभाल, संवेदनशील देखभाल तथा बच्चों के पालन-पोषण में पिता की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करना रहा।
मुख्य प्रशिक्षक डॉ. वंदना शुक्ला ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया, जबकि साइकोलॉजिस्ट जिज्ञासा कौर (भोपाल से) और सुपरवाइजर आदर्श ने सहयोगी विशेषज्ञ के रूप में विशेष सत्र संचालित किया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को संतुलित आहार, पोषण संबंधी अच्छे व्यवहार एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल के महत्व पर विस्तार से समझाया गया। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह शपथ दिलाई गई कि वे अपने क्षेत्र में लालन-पालन और बच्चों के प्रथम 1000 दिनों के पोषण को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाएँगी। विशेष बात यह रही कि लालन-पालन प्रशिक्षण की शुरुआत इटारसी से हुई थी और आज यहीं इसका लक्ष्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
पोषण माह पर पुरुषों की भागीदारी पर जोर
इसी अवसर पर राष्ट्रीय पोषण माह 2025 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 09 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 19 पर ‘जीवन के प्रथम 1000 दिवस का महत्व एवं पुरुषों की भागीदारी’ विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वार्ड पार्षद श्रीमती मीरा राजकुमार यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य की सराहना की। अटल बाल पालक मोहम्मद नौसाद कुरैशी ने बच्चों की शिक्षा और कुपोषण मुक्ति के लिए परिवारों को शिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता मेहरबान चौहान ने हितग्राहियों को आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का नियमित लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने राष्ट्रीय पोषण माह और सेवा पखवाड़ा की विस्तृत जानकारी दी। सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा चौरे ने जीवन के प्रथम 1000 दिवस की महत्ता और सही पोषण के बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रभाव को स्पष्ट किया। पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना बस्तरवार ने घर का बना हुआ पौष्टिक भोजन अपनाने और बाहर के खाने से परहेज करने का संदेश दिया।
‘वेस्ट से बेस्ट’ प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में केरल से आए रतन लाल द्वारा दिया गया ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रशिक्षण आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने कम लागत में कागज एवं अन्य संसाधनों से शैक्षिक एवं जागरूकता सामग्री बनाने के रचनात्मक तरीके प्रदर्शित किए। इस पहल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पर्यावरण अनुकूल एवं किफायती सामग्री से बच्चों के लिए उपयोगी शैक्षिक साधन तैयार करने के लिए प्रेरित किया। संचालन श्रीमती रेखा चौरे ने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती यशोदा यादव ने सभी का आभार व्यक्त किया।









