इटारसी। शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, इटारसी में गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को साइबर धोखाधड़ी और मोबाइल कनेक्शन के दुरुपयोग के खिलाफ नागरिक सुरक्षा पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य आज की कनेक्टेड दुनिया में डिजिटल सतर्कता के महत्व पर जोर देना था।
मुख्य वक्ता और उद्घाटन इस कार्यक्रम की शोभा दूरसंचार विभाग (डीओटी), मध्य प्रदेश और स्थानीय प्रशासन के अतिरिक्त महानिदेशक (डिजिटल इंटेलिजेंस /आईईएस भारतीय संचार सर्विस) राहुल जैन ने बढ़ाई। सत्र का उद्घाटन महाविद्यालय के प्रिंसिपल आर के चोलकर और टीपीओ भूपेंद्र जोठे द्वारा राहुल जैन के स्वागत के साथ किया, जबकि पल्लवी शर्मा ने उनका परिचय प्रस्तुत किया। सत्र में संकाय के सभी विभागाध्यक्ष, लेक्चरर और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
साइबर स्वच्छता और डीओटी की पहलें
- राहुल जैन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए साइबर स्वच्छता और जिम्मेदार डिजिटल प्रथाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने दूरसंचार विभाग की दो प्रमुख पहलों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- संचार साथी पोर्टल : यह पोर्टल नागरिकों को अपनी मोबाइल पहचान सुरक्षित रखने और डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने में सशक्त बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
- वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई): यह वित्तीय धोखाधड़ी का पता लगाने और उसे रोकने में सहायक है।
छात्रों को मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन
छात्रों और शिक्षकों को अनधिकृत सिम कार्ड की जांच करने, संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। यह सत्र अत्यधिक इंटरैक्टिव रहा, जिसमें उपस्थित लोगों ने साइबर सुरक्षा, निवारक उपायों और दूरसंचार अवसंरचना की सुरक्षा में डीओटी की भूमिका के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त की। सत्र में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों से लगभग 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संकाय सदस्यों में विभागाध्यक्षों सहित विद्यावती सुरवंशी, विकास सिद्धू, पल्लवी नरवरे, रामकुमार उइके, लखन लाल कोरी, आशीष चौरे, प्रवेश चौरे, शैलेंद्र सिंह, अंकित मिश्रा, नीलेश गौर, श्रीमती सोनिया अग्रवाल, अनिता वर्मा, इति महालहा, शिवांगी मालवीय, हेमलता शुक्ला, नैनी पटेल, और नेहा केदारे की विशेष उपस्थिति रही।








