इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना को जगाना और उन्हें भविष्य के व्यवसायों के लिए प्रेरित करना था।
संघर्ष की कहानी से दी प्रेरणा
प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. राकेश मेहता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल रोजगार की तलाश न करें, बल्कि स्वयं उद्यमी बनकर रोजगार प्रदाता बनें। उन्होंने बायोकॉन लिमिटेड की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ के जीवन संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक महिला उद्यमी ने चुनौतियों को पार कर वैश्विक पहचान बनाई।
स्वामी विवेकानंद प्रकोष्ठ के प्रभारी और ट्रेनिंग ऑफिसर डॉ. पवन कुमार अग्रवाल ने पीपीटी के माध्यम से स्टार्टअप की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने ओला, उबर, फ्लिपकार्ट, स्विगी और जोमैटो जैसे सफल स्टार्टअप्स की शुरुआत की रोचक कहानियां बताईं। विद्यार्थियों को स्टार्टअप इंडिया, अटल इनक्यूबेशन सेंटर, स्टैंड अप योजना, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के बारे में जानकारी दी गई।
महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा कि आज के दौर में उच्च शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं के लिए स्टार्टअप एक बेहतरीन विकल्प है। कार्यक्रम में भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन विशेष अतिथि सहित डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. आशुतोष मालवीय, डॉ. बसा सत्यनारायण, अमित दीक्षित, डॉ. दुर्गेश लसगरिआ, श्रीमती श्रुति, डॉ. सौरभ पगारे और संजीव कैथवास मौजूद रहे।









