सुखतवा/इटारसी | भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में इको क्लब ‘वनश्री’ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, नई दिल्ली तथा इपको, भोपाल के सौजन्य से आयोजित इस कार्यशाला के अंतिम दिन का मुख्य विषय ‘माटी से सिद्धि’ रहा।
व्यक्ति का अस्तित्व मिट्टी से ही: डॉ. नीता राजपूत
कार्यक्रम की संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य का जन्म से लेकर अंत तक का रिश्ता माटी से ही है। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए मिट्टी से जुड़ाव को आवश्यक बताते हुए दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतों को अपनाने की अपील की।
मिट्टी की कलाकृतियों का जीवंत प्रदर्शन
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लघु एवं कुटीर उद्योग विशेषज्ञ अनिल प्रजापति ने छात्र-छात्राओं को मिट्टी से भगवान शिव, नंदी एवं अन्य कलाकृतियां बनाने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए प्राकृतिक मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग पर जोर दिया।
विविध प्रतियोगिताओं और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
इको क्लब प्रभारी डॉ. राधा आशीष पांडे ने बताया कि कार्यशाला के दौरान ऑर्गेनिक फार्मिंग, मशरूम उत्पादन, जैव विविधता और स्वस्थ जीवन शैली जैसे विषयों पर विशेषज्ञों मनोज वर्मा, अनुषा शर्मा, अंशुल गौर, एस.के. महालहा आदि ने व्याख्यान दिए। साथ ही निबंध, रंगोली, पोस्टर और प्रोजेक्ट कार्य जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
सम्मान और शपथ
कार्यशाला के अंत में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले छात्र संजय काजले का सम्मान किया गया। इसके उपरांत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किए गए। कार्यक्रम के समापन पर समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली।संचालन एवं आभार:कार्यक्रम का प्रतिवेदन डॉ. महेंद्र चौधरी ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन डॉ. राधा आशीष पांडे एवं आभार प्रदर्शन डॉ. सौरभ तिवारी द्वारा किया गया।








