सुखतवा। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य क्लब द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल के गुर सिखाए।
आशा निर्माण और जीवन कौशल : मुख्य वक्ता डॉ. सतीश ठाकरे ने महात्मा बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए सदैव आशान्वित रहना अनिवार्य है।
बात करें बोझ हल्का करें : डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज ने ‘ऊष्मा गतिकी’ के नियम से मन की गुत्थियों को समझाया। उन्होंने बताया कि जैसे अव्यवस्थित कणों को व्यवस्थित करने के लिए बाहरी ऊर्जा चाहिए, वैसे ही मन की उलझनें दूसरों से साझा करने पर मानसिक बोझ कम होता है और स्पष्टता आती है।
सीखी तनाव मुक्ति की कला
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियो के माध्यम से स्ट्रेस से मुक्त होने की कला सीखी। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन हेल्थ क्लब प्रभारी डॉ. सौरभ तिवारी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य नीता राजपूत सहित संपूर्ण स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









