इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय, सुखतवा में शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों ने मां सरस्वती की प्रतिमा और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद साक्षी और सिया ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि शिवानी धुर्वे और शालू ने स्वागत गीत गाया।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नीता राजपूत ने कहा कि गुरु द्वारा दिया गया ज्ञान हमारे जीवन में बहुत काम आता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में एक गुरु बनाने और उनके दिए ज्ञान को आदर्श मानकर आगे बढऩे की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरु हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राधा आशीष पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में दो गुरु होते हैं: पहली हमारी माता, जो जन्म से ही हमें सद्गुण सिखाती है, और दूसरे वे गुरु जो हमें शिक्षा के साथ-साथ जीवन की कठिनाइयों से भी अवगत कराते हैं और आगे बढऩे का मार्ग दिखाते हैं।
इसके बाद विद्यार्थियों स्नेहा मांडवी, प्रज्ञा अग्रवाल, और दिलीप मरकाम ने भाषण और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। सम्मान समारोह के बाद, गुरुओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें कुर्सी दौड़ और मटकी फोड़ शामिल थे। मटकी फोड़ में आयुष सादराम, रेखा चौबे और डॉ. नीता राजपूत विजेता रहे, जबकि कुर्सी दौड़ में डॉ. हिमांशु और डॉ. वेद प्रकाश संयुक्त रूप से विजेता बने।
कार्यक्रम का सफल संचालन तनीषा साहू और भावना राठौर ने किया। अंत में सभी छात्रों ने आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें लगातार अध्ययन में लगे रहने की सलाह दी।









