इटारसी। तृतीय अपर जिला न्यायालय के न्यायाधीश आदित्य रावत ने एक व्यक्ति पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के दोषी शिवा उर्फ सूरज धुर्वे को 5 साल के सश्रम कारावास और 1000 रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई है। यह फैसला आज, 21 अगस्त 2025 को सुनाया गया। जुर्माना न भरने पर आरोपी को 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या था मामला?
यह घटना 17 जनवरी 2024 की रात 8:30 बजे ग्राम पाहन बरी में हुई थी। पीड़ित राधेश्याम धुर्वे अपने घर के आंगन में बैठे थे, तभी उनके छोटे भाई का बेटा सूरज और उसकी मां रेखाबाई वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। जब राधेश्याम ने इसका विरोध किया, तो रेखाबाई ने सूरज को जान से मारने के लिए उकसाया।इसके बाद, सूरज ने अपने साथ लाई कुल्हाड़ी से राधेश्याम के सिर पर हमला कर दिया। राधेश्याम के चिल्लाने पर उनकी पत्नी और बच्चों ने बीच-बचाव किया। घायल राधेश्याम को तुरंत डीएसपीएम अस्पताल इटारसी ले जाया गया, जहां रामपुर गुर्रा पुलिस ने उनका बयान दर्ज किया। इलाज के दौरान हुए सीटी स्कैन में उनके सिर में फ्रैक्चर का पता चला।
कोर्ट की कार्रवाई
इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला ने पैरवी की। उन्होंने 12 गवाहों को कोर्ट में पेश किया, जिनके बयानों ने घटना की पुष्टि की। सभी सबूतों और परिस्थितियों को देखते हुए न्यायाधीश आदित्य रावत ने सूरज को दोषी ठहराया। हालांकि, उसकी मां रेखाबाई को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।आरोपी सूरज इस मामले में सिर्फ 6 दिन तक जेल में रहा था और उसके बाद जमानत पर बाहर आ गया था। अब उसे अपनी सज़ा पूरी करने के लिए केंद्रीय जेल नर्मदापुरम भेज दिया गया है।









