इटारसी। नगर की फिजाओं में इन दिनों सिंधी संस्कृति के सतरंगी रंग घुलने लगे हैं। आराध्य देव भगवान झूलेलाल जी के जन्मोत्सव ‘चैती चांद’ के पावन उपलक्ष्य में सिंधी समाज द्वारा आयोजित महोत्सव का शानदार शुभारंभ ‘सिंधी मेला’ के साथ हुआ। फ्रेन्ड्स स्कूल का मैदान इस उत्सव का साक्षी बना, जहां परंपराओं का सम्मान और आधुनिकता का उत्साह एक साथ नजर आया।
दीप प्रज्वलन से उत्सव का श्रीगणेश
सांस्कृतिक शाम का आगाज एसडीओपी वीरेंद्र मिश्रा और थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन की कमान पूज्य पंचायत सिंधी समाज और भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा के हाथों में रही। अतिथियों ने समाज के इस एकजुट प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ही शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत रखते हैं।
सिंधी जायके और बचपन की किलकारियां
मेले का सबसे बड़ा आकर्षण ‘फूड जोन’ रहा, जहां सिंधी व्यंजनों की सौंधी खुशबू ने हर किसी को अपनी ओर खींचा। कढ़ी चावल, बेसन की डोडा टिक्की, छोले पकवान जैसे पारंपरिक स्वादों के साथ-साथ आधुनिक व्यंजनों वेज बिरयानी, मैगी, स्वीट कॉर्न, छोले भटूरे, ब्राऊनी चौकोलवा, आइसक्रीम, पिज्जा, मसाला कुकुंबर, माजून, फुल्की, भेल, सोडा, पावभाजी के स्टॉल्स पर जायके के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ी। जहां एक ओर बच्चों ने झूलों और मनोरंजन के साधनों का आनंद लिया, वहीं लकी ड्रा के रोमांच ने बड़ों का उत्साह भी दोगुना कर दिया।

नई पीढ़ी को विरासत से जोडऩे का सेतु
पूज्य पंचायत सिंधी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश नवलानी ने बड़े ही मार्मिक भाव से कहा, ‘यह मेला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली सिंधी कल्चर और जड़ों से परिचित कराने का एक माध्यम है।’ भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा की अध्यक्ष पूनम चेलानी और प्रिया नंदवानी एवं उनकी टीम ने बताया कि इटारसी के कोने-कोने से सिंधी परिवारों ने इसमें शामिल होकर सामाजिक एकता का परिचय दिया है।
आगामी कार्यक्रम : श्रद्धा और उल्लास का संगम
- सांस्कृतिक कार्यक्रम : बच्चों की प्रतिभा और कला का प्रदर्शन दो दिनों तक मंच पर सजेगा।
- वाहन रैली : दो अलग-अलग दिनों में समाज के महिला एवं पुरुषों की वाहन रैली भी निकाली जाएगी।
- 20 मार्च (चैती चांद) : इस मुख्य दिवस पर शहर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा। बहराणा साहब का विधि-विधान से पूजन होगा और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
- शोभायात्रा : सिंधी कॉलोनी से लेकर पूरे शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसका समापन नर्मदापुरम के पावन तट पर नर्मदा में विसर्जन के साथ होगा।
- सामाजिक सरोकार : उपाध्यक्ष श्रीचंद खुरानी के अनुसार, इस दौरान नि:शुल्क जनेऊ संस्कार होंगे, जिसमें भोपाल, हरदा और पिपरिया सहित अन्य शहरों से लोग शामिल होकर इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनेंगे।









