नर्मदापुरम। नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी ने तवा नहरों की स्थिति जानने के लिए सिवनी मालवा के टेल क्षेत्र के ग्रामों रोहना, बमुरिया, बैराखेड़ी मोहारी, भरलाई और रावन पीपल का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों से सिंचाई, सोयाबीन एवं धान की फसलों की स्थिति और आगामी गेहूं की बुवाई के संबंध में चर्चा की।
नहरों की मरम्मत
कमिश्नर ने बताया कि तवा नहर की मुख्य डेम (121 चैन) की मरम्मत का कार्य 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा, इसलिए नहरों से पानी छोडऩे में कुछ समय लगेगा। उन्होंने मरम्मत की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नहर टूटने और पानी बर्बाद होने से रोका जा सके। जल संसाधन विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।
नरवाई प्रबंधन
उन्होंने किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) न जलाने और इसके बेहतर प्रबंधन (भूसा बनाकर पशु चारे में उपयोग) की सलाह दी। नरवाई जलाने में नर्मदापुरम जिला प्रदेश में प्रथम है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने किसानों को बेलर मशीन खरीदने के लिए एकजुट होने या बड़े किसानों को मशीन उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा।
किसानों की मांगें
किसानों ने अत्यधिक बारिश से नष्ट हुई सोयाबीन फसल के लिए सर्वे और मुआवजे, साथ ही फसल बीमा राशि की मांग की। कमिश्नर ने जल्द सर्वे और उचित मुआवजा देने का भरोसा दिया। उन्होंने खाद की समस्या बताते हुए ग्रामों में नगद खाद वितरण केंद्र शुरू करने और नहर की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों की तैनाती की मांग की। कमिश्नर ने इस संबंध में मंडी बोर्ड से बात करने और जल संसाधन विभाग द्वारा अस्थाई कर्मचारियों की तैनाती का आश्वासन दिया। किसानों ने फसल नुकसान का सर्वे क्राफ्ट कटिंग के आधार पर करने और कस्टम हायरिंग सेंटर में उपलब्ध मशीनरी की जानकारी देने की मांग की।
अन्य सुझाव
कमिश्नर ने किसानों को मूंग की बजाय कम अवधि में होने वाली फसलें लगाने की सलाह दी ताकि नहरों की मरम्मत समय पर हो सके। उन्होंने सभी सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने को भी कहा।
पानी का आश्वासन
कमिश्नर ने टेल क्षेत्र के किसानों को भरोसा दिलाया कि 30 अक्टूबर तक मरम्मत पूरी होने के बाद नहर के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। भ्रमण के दौरान संयुक्त आयुक्त विकास जीसी दोहर, मुख्य कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग अंकित श्रॉफ एवं श्रीमती राज्यश्री कटारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








