- न्यास कालोनी में रोड के लिए अर्जित भूमि का मुआवजा मामला विधानसभा में उठा
इटारसी। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने नर्मदापुरम् जिले के इटारसी में न्यास कालोनी में मार्ग निर्माण हेतु लगभग एक दर्जन से अधिक भूस्वामियों की भूमि के मुआवजा का मामला विधानसभा में उठाया। विधायक डॉ. शर्मा ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग चार वर्ष पूर्व न्यास कालोनी में मार्ग निर्माण के लिए अर्जित की गयी भूमि की प्रतिपूर्ति अभी तक नहीं की जा सकी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत तीन वर्ष पूर्व लाखों रूपये की राशि राजस्व विभाग को दी जा चुकी है। राजस्व विभाग द्वारा न तो लोक निर्माण विभाग से मुआवजा तय कर राशि की मांग की जा रही है और न ही उसके पास जमा राशि से जिन कृषकों की भूमि अर्जित की गई उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सकी है। क्षतिपूर्ति न मिलने से नागरिकों में असंतोष व्याप्त है।
विधायक को जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि नर्मदापुरम जिले के इटारसी में न्यास कॉलोनी से एनएच-69 पहुंच मार्ग निर्माण हेतु आपसी सहमति से क्रय नीति के आधार पर कुल 16 कृषकों को उनकी भूमि के लिये राशि प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर अनुविभागीय अधिकारी, इटारसी द्वारा आपसी क्रय नीति के तहत प्रकरण को पंजीबद्ध कर संबंधित कृषकों को प्ररूप -क में सूचना जारी करने की कार्यवाही की है। प्रकरण में शेष कार्यवाही शीघ्र पूरा किया जाकर प्रभावित कृषकों को उनकी भूमि के बदले मुआवजा राशि प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
पूर्व सरपंच ने अपने ही पति को जारी कर दिया था पट्टा
ग्राम पंचायत सोनासांवरी की पूर्व सरपंच द्वारा अपने ही पति को पट्टा आवंटन के संबंध में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने विधानसभा में सवाल उठाया। इटारसी तहसील के ग्राम सोनासांवरी में फर्जी पट्टा आवंटन के संबंध में प्रश्र था कि उक्त पट्टे के संबंध में कोई अभिलेख न तो अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय में है और न ही पंचायत/जनपद कार्यालय में? क्या सोनासांवरी की तत्कालीन सरपंच श्रीमती प्रीति पटेल ने अपने ही पति को पट्टा जारी कर दिया था। क्या यह नियमानुकूल है? क्या फर्जी पट्टा आवंटन प्रकरण में विभाग, पंचायत द्वारा एफआईआर दर्ज करने हेतु कार्यवाही की गयी है? उक्त प्रकरण में प्रश्नकर्ता द्वारा आयुक्त नर्मदापुरम् संभाग एवं कलेक्टर, नर्मदापुरम् द्वारा वर्ष 2025 में लिख पत्रों पर क्या कार्यवाही की गयी?
पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटैल ने बताया कि प्रश्नकर्ता के पत्र के संदर्भ में कलेक्टर नर्मदापुरम को जनपद पंचायत नर्मदापुरम के पत्र के माध्यम से पांच बिन्दुओं की जानकारी उपलब्ध करा दी है, जो संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उक्त पट्टे संबंधी अभिलेख किसी भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। सोनासांवरी की तत्कालीन सरपंच श्रीमती प्रीति पटेल ने अपने ही पति को पट्टा स्वयं एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव एवं पटवारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी कर दिया था, जो कि नियमानुकूल नहीं है। वर्ष 2025 में आयुक्त नर्मदापुरम एवं कलेक्टर नर्मदापुरम को लिखे गये पत्रों पर कार्यवाही प्रचलन में है।
मूंग में रसायन पर सवाल
मूंग उत्पादन में प्रयुक्त रसायन के प्रयोग संबंधी मामला विधानसभा में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने उठाया। डॉ. सीतासरन शर्मा कृषि विकास मंत्री से सवाल किया कि क्या प्रदेश में मूंग उत्पादन में मूंग फसल सुखाने व अन्य कार्य हेतु वीडिसाइड, पैराक्वाट (सफाया), इन्सेक्टीसाइड नामक खरपतवार नाशक कीटनाशक प्रयोग किया जाता है? क्या उपलब्ध जानकारी के अनुसार उक्त कीटनाशक अनेक देशों में प्रतिबंधित है? क्या शासन मानव स्वास्थ्य के लिए घातक कीटनाशक के संबंध में समुचित निर्णय करेगी?
जवाब में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना) ने कहा कि पैराक्वाट डाइक्लोराइड कीटनाशी नहीं है, अपितु खरपतवार नाशी है, जो प्रदेश में प्रतिबंधित नहीं है। अनेक देशों में प्रतिबंध के संबंध में जानकारी संधारित नहीं की जाती है। केन्द्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति फरीदाबाद भारत सरकार के द्वारा रजिस्टर्ड कीटनाशकों की विनिर्माण/विक्रय अनुज्ञप्ति जारी की जाती है।
पॉम तेल उत्पादन संबंधी
विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने विधानसभा में कृषि मंत्री से सवाल किया है कि क्या भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तेल पाम अगस्त 2021 में प्रारंभ कर सभी राज्य सरकारों से पाम के वृक्षों के पौधरोपण कर उत्पादन में वृद्धि करने का आग्रह किया था? यदि हाँ, तो इस हेतु शासन द्वारा आगामी तीन वर्षों में क्या लक्ष्य रखे गये हैं? उल्लेखित योजना के अंतर्गत अभी तक नर्मदापुरम् जिले में कितने किसानों ने कितने पाम के वृक्षों का पौधरोपण किया? उक्त योजना में पाम के वृक्षों के पौधरोपण पर किसानों को कितना अनुदान एवं कौन सी सुविधाएं दी जाना है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्षवार वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत की जाती हैं। वर्ष 2025-26 हेतु राशि रु.646.09 लाख की कार्य योजना स्वीकृत की गई है। योजना के दिशा-निर्देश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
विक्रम पुरस्कार की घोषणा
खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधी सवाल वर्ष 2017 एवं 2018 में प्रदेश में हॉकी, खो-खो एवं क्रिकेट के किन-किन खिलाडियों को विक्रम पुरस्कारों की घोषणा कब की गयी एवं कब इन्हें सम्मानित किया् जिन खिलाडिय़ों को पुरस्कार हेतु चयनित किया उनके आवेदन पत्र एवं आवेदन के साथ संलग्न प्रमाण पत्रों की फोटो प्रति उपलब्ध कराते हुए यह भी बताएं कि किस खिलाड़ी को किस प्रमाण पत्र या प्रतियोगिता पर कितने कितने अंक दिये गये? क्या उपरोक्त संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा वर्ष 2025 में संचालक, खेल एवं युवक कल्याण विभाग को पत्र एवं ईमेल द्वारा भी जानकारी चाही गयी थी? क्या उक्त जानकारी कब दी गयी?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि वर्ष 2017 एवं 2018 में प्रदेश में हॉकी, खो-खो एवं क्रिकेट खेल में विक्रम पुरस्कार की घोषणा एवं अन्य जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। खिलाडिय़ों के आवेदन पत्र एवं आवेदन के साथ संलग्न प्रमाण पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।








