इटारसी। ग्राम सोनतलाई में इन दिनों सात दिवसीय गोंडी कोयापुणेम धर्म दर्शन गाथा का आयोजन 17 जनवरी से 23 जनवरी तक चलेगा। आयोजन के दौरान बीती रात आयोजित जागरण में हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब ने आदिवासी संस्कृति और आस्था का अनुपम उदाहरण पेश किया।
प्रमुख कलाकारों ने बांधा समां
जागरण कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित गोंडी कला जगत के प्रसिद्ध गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रियांशी भलावी जबलपुर ने बड़ादेव जय सेवा रे गोंड वंश आपने पुराना जैसे गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशाल ककोडिय़ा छिंदवाड़ा ने लहर-लहर लहराए बड़ादेव गीत के माध्यम से समाज में जोश भर दिया। शिवम इरपाचे शाहपुर ने अपनी गायकी के जरिए गोंडी रीति-रिवाजों और पारंपरिक मुकदमा ले जाने के प्रसंगों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
तीन जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
इन कलाकारों की आवाज और गोंडी संस्कृति की झलक पाने के लिए न केवल स्थानीय ग्रामीण, बल्कि जिला बैतूल, हरदा और नर्मदापुरम के सुदूर क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में महिला-पुरुष और युवा सोनतलाई पहुंचे। पूरा क्षेत्र आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा और जय सेवा के जयघोष से गुंजायमान रहा।
कलाकारों का हुआ स्वागत
सोनतलाई पहुंचने पर कलाकारों का भव्य स्वागत किया। आयोजन को सफल बनाने में आकाश कुशराम, विनोद बड़ीवा, राहुल प्रधान, दुर्गा कुशराम, पवन मर्सकोले, राघवेंद्र उईके, आशीष उईके, मन्नू भैया, राजकुमार उईके, विवेक यूवने, सुनील परते, सचिन प्रधान, करण धुर्वे, अभिषेक धुर्वे, अंकित मर्सकोले, अंकित युवने, बंटी भलवी, प्रशांत उईके, राजीव कुशराम, संजय भालवी और विशाल टेकाम सहित समस्त समाज का सराहनीय योगदान रहा।









