- नियमित रेल यात्री महासंघ अध्यक्ष की सूचना पर आरपीएफ और रेलवे ने दिखाई सजगता
इटारसी। रविवार को मुंबई से गोरखपुर जा रही 22538 कुशीनगर एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में सफर कर रहे एक बुजुर्ग यात्री का सामान छूट गया। तिलक नगर से गोरखपुर जा रहे साहवान अली अपने परिवार के साथ भारी भीड़ के बीच जनरल कोच में यात्रा कर रहे थे, बानापुरा स्टेशन पर ट्रेन से उतरे अली समय पर चढ़ नहीं सके, और ट्रेन चल दी, इसके बाद घबराए बुजुर्ग को परिवार समेत एक बाइक चालक ने बस स्टैंड छोड़कर इटारसी के लिए रवाना किया, लेकिन इटारसी से भी ट्रेन चल चुकी थी।
बस में मिले नियमित रेल यात्री महासंघ अध्यक्ष विनीत राठी ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी लेकर पहले आरपीएफ पोस्ट इंचार्ज अनुराधा मिश्रा, नर्मदापुरम स्टेशन प्रबंधक देवेन्द्र सिंह चौहान को सूचना दी, लेकिन ट्रेन आगे जाने की वजह से यहां यात्री का सामान पुलिस नहीं तलाश सकी। चौहान ने भोपाल स्टेशन प्रबंधक का नंबर देकर 139 पर इसकी शिकायत करने की बात कही, जिसके बाद भोपाल में आरपीएफ ने पूरी सजगता दिखाते हुए सामान तलाशा, लेकिन कोच की लोकेशन बताने में गुमराह हुए यात्री की वजह से सामान यहां भी नहीं मिला।
इटारसी आकर दक्षिण एक्सप्रेस से यात्री भोपाल आरपीएफ थाने पहुंचे, यहां उनकी पीड़ा सुनकर आरपीएफ ने आखिरकार झांसी स्टेशन पर उनका सारा सामान सुरक्षित उतार लिया। बाद में दूसरी ट्रेन से झांसी पहुंचकर यात्री को उनका सामान आरपीएफ ने सकुशल वापस कर दिया। राठी ने कहा कि रेलवे की 139 सेवा पर हुई त्वरित कार्रवाई एवं आरपीएफ के अलावा नर्मदापुरम एवं भोपाल स्टेशन प्रबंधक एवं सुरक्षा जवानों की मेहनत से एक बुर्जुग लाचार यात्री का सामान वापस मिल गया, इसके लिए उन्होंने रेल मंत्रालय एवं आरपीएफ का आभार जताया है।
अली ने बताया कि बैग में उनकी बेटी की शादी के लिए कुछ जेवर, तीन नए मोबाइल समेत अन्य कीमती सामान एवं दस्तावेज रखे हुए थे, उन्हें लग रहा था कि अब सामान नहीं मिलेगा, लेकिन तीन स्टेशनों पर आरपीएफ की मेहनत से यह सामान वापस मिल गया। यात्री ने भी राठी एवं इस अभियान में मदद करने वाले रेल अधिकारियों एवं आरपीएफ का नम आंखों से आभार जताया।









