इटारसी। ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ परिसर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी द्वारा निकाली जा रही तीन दिवसीय संकल्प यात्रा बुधवार को इटारसी पहुंची। जयस्तंभ चौक पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। जनसभा में वक्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी।
या तो सरकार प्रतिमा लगाए, या हम खुद लगाएंगे
सभा को संबोधित करते हुए आजाद समाज पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और दलित पिछड़ा समाज संगठन के अध्यक्ष दमोदर यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि पिछले आठ महीनों से ग्वालियर खंडपीठ में बाबासाहेब की प्रतिमा लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व सत्ता के संरक्षण में बाबासाहेब के पोस्टर तक जला रहे हैं। यादव ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, हमने नागपुर में संकल्प लिया है—या तो सरकार सम्मानपूर्वक प्रतिमा स्थापित करे, अन्यथा लाखों की संख्या में समाजजन वहां पहुंचकर खुद प्रतिमा लगाएंगे।
स्थानीय मुद्दों पर भी बरसे नेता
भीम आर्मी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील असते ने इटारसी में भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित न होने पर रोष व्यक्त किया। वहीं, भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े ने सामाजिक संगठनों को एकजुट होने और आपसी कमियां दूर करने की नसीहत दी। पूर्व विधायक आरडी प्रजापति और राजेश बकोरिया ने भी सभा को संबोधित करते हुए पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की रक्षा की बात कही।
संविधान की शपथ के साथ समापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता अमोल रावत ने की। सभा के अंत में मंचासीन पदाधिकारियों और उपस्थित जनसमूह ने भारतीय संविधान की रक्षा की शपथ ली। कार्यक्रम के प्रभारी गोपाल मंसूरे ने अतिथियों और एससी, एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यक समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्य रूप से रमेश माधुरे, अर्जुन पवार, करण धनवारे, विकास अहिरवार सहित लगभग 200 से अधिक कार्यकर्ता और समाजजन मौजूद रहे।









